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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में नामजद सिरसा स्थित डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से पंजाब पुलिस को 8 दिसंबर को फिर से पूछताछ करने को कहा है। कोर्ट ने डेरामुखी को भी निर्देश दिए हैं कि वह इवेंस्टिगेशन ज्वाइन करे और पंजाब पुलिस को पूरा सहयोग करे। कोर्ट ने पुलिस को इस मामले में अपनी रिपोर्ट 12 फरवरी को देने को कहा है। इसके साथ ही इस मामले में डेरामुखी की गिरफ्तारी पर लगी रोक भी 12 फरवरी तक जारी रहेगी।
फिर से असहयोग का आरोप: पंजाब पुलिस ने फिर से डेरामुखी पर इस मामले में असहयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी पुलिस पार्टी डेरे में जांच के लिए जाती है तो उन्हें इंतजार करने को कहा जाता है। घंटों इंतजार करने के बाद मिलने पर भी डेरामुखी जांच में सहयोग नहीं करते। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील नरेश सांघी का कहना था कि विवादास्पद चोला तो जब्त कर लिया गया है लेकिन अभी भी डेरामुखी से यह जवाब चाहिए कि डेरामुखी के पास यह चोला कहां से आया। इसके लिए पैसा किसने दिया और इस तरह की विवादास्पद काम करने के षड़यंत्र में उनके साथ और कौन शामिल था।
सरकारी वकील ने कोर्ट से कहा कि डेरामुखी को डेरे में साथ लगते हरियाणा पुलिस के थाने में बुलाकर जांच करने की अनुमति दें ताकि जांच असरदार तरीके से हो सके। इस पर कोर्ट ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि इससे लॉ एंड ऑर्डर की स्थित खराब हो सकती है। डेरा प्रमुख पर धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में बठिंडा निवासी राजिंद्र सिद्वू की शिकायत पर २0 मई २00७ को पुलिस कोतवाली बठिंडा मे आईपीसी की धारा २९५ ए, १५३ ए और २९८ के तहत मुकद्मा दर्ज किया था।
इस मामले मे बठिंडा की अदालत ने डेरा प्रमुख के खिलाफ वारंट जारी कर सरकार की अनुमति से गिरफ्तार करने के आदेश भी जारी कर दिए थे। पंजाब सरकार ने भी डेरा प्रमुख की गिरफ्तारी की अनुमति दे दी थी, लेकिन पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने २९ जून को डेरा प्रमुख की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थ