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एक चूक..टैलेंट का अंत

चंडीगढ़. पिछले साल कोलकाता में हुई नेशनल रोलर स्केटिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाला चंडीगढ़ का आशीष (17) अब फिर कोई मेडल नहीं जीतेगा। एक छोटी सी चूक की वजह से आशीष के साथ ही उसके टैलेंट का भी हमेशा के लिए अंत हो गया। शनिवार शाम स्कूटर पर जा रहे आशीष को टाटा-२क्७ ने टक्कर मारी। आशीष ने हेलमेट नहीं पहना था। हेड इंजरी से उसकी मौत हो गई।

सेक्टर-३7 के स्टेपिंग स्टोन्स स्कूल की ११वीं नॉन मेडिकल का स्टूडेंट आशीष शनिवार दोपहर स्कूटर पर अपने घर से सेक्टर-३८ वेस्ट में ट्यूशन के लिए निकला। ट्यूशन नहीं लगी तो आशीष अपने दोस्तों के हॉस्टल में सेक्टर-३८ए चला गया। शाम साढ़े पांच बजे आशीष अपने दोस्त दर्पण के साथ सेक्टर-३९ एमटेक कॉम्प्लेक्स स्थित अपने घर के लिए निकला। दर्पण को घर छोड़ कर आशीष अपने घर की ओर जा रहा था, तभी सेक्टर-३८ वेस्ट के मकान नंबर-५क्क्१ के पास टाटा-२क्७ ने उसे टक्कर मारी।

ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार हो गया। हादसे के वक्त आशीष ने हेलमेट नहीं पहना था, जिससे सड़क पर गिरते ही उसके सिर पर गंभीर चोट लगी। मोहल्ले वाले आशीष को लेकर पीजीआई गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और आशीष के शव को सेक्टर-१६ अस्पताल की मॉर्चरी में रखवा दिया। आशीष के पिता मामचंद इमटेक ऑफिस में क्लर्क थे, जबकि उसका छोटा भाई उसी स्कूल में नौवी का स्टूडेंट है।

एक टैलेंट तो खत्म, अब आप रखें ख्याल :

17 साल की उम्र में ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन सकता। इसी उम्र में आशीष बिना हेलमेट के स्कूटर चला रहा था। इसी चूक ने उसकी जान ले ली। उसने हेलमेट पहना होता तो शायद उसकी जान बच जाती और हम उसे और मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन करते देख पाते। आशीष तो अब इस दुनिया में नहीं रहा, लेकिन शहर वासियों खासकर युवाओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे बिना हेलमेट के टू-व्हीलर न चलाएं। मां-बाप भी इस बात का खास ध्यान रखें कि कम उम्र के बच्चों को गाड़ी न चलाने दें। टू-व्हीलर पर निकलें तो हेलमेट जरूर लगाएं।

मोहल्ले वालों ने लगाया जाम आशीष के घायल होने के बाद मोहल्ले वाले तुरंत उसे पीजीआई तो ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया और थाना पुलिस के गश्त न करने के विरोध में नारेबाजी की। इंटरनल सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस की नाकाबंदी और स्पीड ब्रेकर की मांग की। लोगों का कहना था कि यहां एक्सीडेंट होते रहते हैं, लेकिन पुलिस कोई कदम नहीं उठा रही।





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