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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. चंडीगढ़ के आर्थिक विकास को और ज्यादा रफ्तार देने के लिए प्रशासन अब यह कोशिश कर रहा है कि विप्रो चंडीगढ़ में जल्दी से काम शुरू करे। आईटी की टॉप कंपनियों में शामिल विप्रो को यहां राजीव गांधी आईटी पार्क के फेज-दो में 30 एकड़ जमीन अलॉट की गई है, लेकिन अभी तक कंपनी यहां कंस्ट्रक्शन का काम शुरू नहीं कर पाई है।
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक जनरल (रिटायर्ड) एस. एफ. रोड्रिग्स ने इसी हफ्ते विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी को एक चिट्ठी लिखी है जिसमें कंपनी से चंडीगढ़ में जल्दी काम शुरू करने के लिए कहा गया है। कंपनी से प्रशासन को खासी उम्मीदे हैं और अगर जल्दी काम शुरू हो जाता है तो इससे आईटी पार्क भी जल्दी डवलप हो जाएगा।
इससे पहले जब चंडीगढ़ के डायरेक्टर आईटी मंजीत सिंह बराड़ हाल ही में बेंगलौर में थे तो उन्होंने भी विप्रो के सीनियर अफसरों से मुलाकात कर उन्हें चंडीगढ़ में जल्दी काम शुरू करने के लिए कहा था। प्रशासन का मानना है कि विप्रो के यहां काम शुरू करने से कम से कम 500 करोड़ रुपए की इन्वेस्टमेंट आएगी और साथ ही करीब 7-8 हजार आईटी प्रोफेशनल्ज को रोजगार मिलेगा।
अभी 14 नवंबर को ही टेक महिंद्रा ने यहां अपनी बिल्डिंग की आधारशिला रखी थी और यहां 200 करोड़ रुपए इन्वेस्ट कर करीब 5000 आईटी प्रोफेशनल्ज को रोजगार देने की घोषणा की थी।
इस बीच जानकारों का कहना है कि स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) का दर्जा क्लीयर न होने के कारण कंपनी ने यहां कंस्ट्रक्शन का जोखिम नहीं उठाया। अब जबकि एसईजेड की नोटिफिकेशन हो चुकी है तो कंपनी भी काम शुरू कर देगी। यह भी कहा जा रहा है कि बाकी कंपनियों की तरह विप्रो यहां विभिन्न फेजेज में बिल्डिंग नहीं बनाएगी बल्कि एक ही बार में 30 एकड़ में अपना कैम्पस डवलप करेगी।