शादी एक ऐसा बंधन है जो बांड ऑफ अंडरस्टैंडिंग के थीम पर चलता है। पहले जन्म-जन्म का साथ, फिर सात जन्म का साथ और अब बन गया है नोक-झोक भरा साथ। शादी के कुछ ही सालों बाद रिश्ते में सवाल खड़े होना आम बात हो गई है। एक रिसर्च से सवाल उठा है कि पहले सात-आठ साल बाद पति-पत्नी के रिश्ते में नोक-झोक होती थी, फिर पांच साल बाद होने लगी और अब यह टाइम कम हो कर 2 साल हो चुका है। क्या कहते हैं जालंधराइट कपल्स यह जाना रिपोर्टर रोहित सहगल ने-
रिसर्च के हवाले से
>> फैमिली प्रॉब्लम्स या करियर की टैंशन।
>> लग्जरी लाइफ के लिए भाग-दौड़।
>> प्राइवेट सैक्टर के कंपीटिशन में बढ़ती जिम्मेदारियां।
>> वर्किग क्लास में टाइमिंग का मिसमैच।
>> सहनशीलता की कमी।
शादी के बाद पति के घर आते ही लड़की का नया जीवन शुरू हो जाता है। अगर हम रिश्ते की बात करें तो हसबैंड की कॉपरेशन के साथ-साथ फैमिली एटमॉसफेयर अहम भूमिका अदा करता है। मुझे दो साल के विवाहित जीवन में अहसास हुआ है कि अगर आपकी सबसे अच्छी अंडर स्टैंडिंग है तो यह रिश्ते 4 या 10 साल तो क्या जन्मों तक भी प्रभावित नहीं होता। - राजेश शर्मा व मीनू शाह शर्मा
67 सालों से हम एक दूजे के हमसफर हैं और इन सालों में रिश्ते में कई उतार-चढ़ाव आते रहे हैं, मगर आपसी समझ से हम एक दूजे का साथ निभाते आ रहे हैं। आज-कल के कपल्स को देखकर कई बार ऐसा लगता है कि हम इनकी तरह एन्जॉय नहीं कर पाए, लेकिन वहीं आज की जनरेशन में बढ़ रहे मनमुटाव को देखकर दुख भी होता है।
-हंसराज सिंह और कुलतार कौर
पती-पत्नी के रिश्ते में एक दूजे को हर पल में समझना जरूरी है। 1995 में हमारी शादी हुई थी पर अभी तक हमारे घर में बच्चे के नन्हें कदम नहीं पड़े। जिंदगी के ऐसे पलों में भी हम एक-दूजे को समझकर खुशी-खुशी जीवन बिता रहे हैं। - मदन मोहन सिंह व बलजीत कौर
मेरी अभी इंगेजमैंट हुई है। मेरे प्रोफैशन से मेरा फियान्सी खुश है। कंपीटिशन और प्रोफैशनल लाइफ होने के कारण हर मोड़ पर एडजेस्टमैंट जरूरी है। फैमिली और करियर आज के वक्त में दोनों लाइफ के जरूरी हिस्से हैं। इसीलिए दोनों मैनेज करने के लिए पति-पत्नी में अंडरस्टैंडिंग होनी जरूरी है।
- भारती श्रीधर, प्रोफेशनल विमन