मुंबई .
२३ नवंबर से गोवा में आयोजित हो रहा अंतराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई )शुरू होने से पहले ही विवादों में घिरता नजर आ रहा है। महोत्सव की शुरूआत में महज 5 दिन रह गए है और प्राप्त खबरों के अनुसार बॉलीवुड में बिग बी के नाम से ख्यात अमिताभ बच्चन को बुलावा भेजना भी आयोजकों ने मुनासिब नहीं समझा है वही दूसरी तरफ शाहरूख खान को चीफ गेस्ट के रूप में बुलावा भेजा गया है और वे इस फिल्म फेस्टीवल का शुभारंभ भी करेगें।
बिग भी को भुलावा न भेजनें का राजनीतिक खेल ?फिल्म निदेशालय किससे फेस्टीवल का शुभारंभ करवाए बेशक यह उसका निजी फैसला हो सकता है लेकिन एक ऐसे सितारें को जिसने हिन्दी सिनेमा में सुपरस्टार होनें की परिभाषा को एक नया मुकाम दिया हो, और सारें संसार में जिसके प्रसंशक हो उसको एक दो नहीं बल्कि लगातार तीसरी बार बुलावा न भेजना आयोजको की मंशा पर सवाल उठाता है। गौरतलब है कि जब से केंद्र में यूपीए की सरकार का शासन आया है तब से किसी भी बड़े सरकारी फिल्म समारोह में अमिताभ को ज्यादा महत्व नहीं दिया गया है। पिछलें दो बार के फिल्मोत्सव में भी अमिताभ को नहीं पूछा गया था ।
शाहरूख बनाम अमिताभ या काग्रेंस का खेल ?
अमिताभ बच्चन को बुलावा न मिलने के पीछे बॉलीवुड में शाहरूख बनाम अतिाभ के कोल्ड वार से भी जोड़कर देखा जा रहा है। शाहरूख ऐसा कोई मोका नहीं छोड़ना चाहते जिसके द्वारा वह अमिताभ को कम दिखा सकें । इन दो सुपर सितारों के बीच चल रहें खेल का सही फायदा कांग्रेस उठाती दिख रहीं है । अमिताभ समाजवादी पार्टी के नजदीक है और यह बात दस जनपद को पसंद नहीं और शाहरूख के रिस्ते इस वक्त कांग्रेस पार्टी से बेहद उम्दा चल रहें है इसलिए मीडिया और बॉलीवुड में दबी जबान से बिग भी को बुलावा न भेजनें के पीछे सरकारी महकमों को दोषी मान रहा है ।