नई दिल्ली. देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों में एडमिशन पाने के लिए कॉमन एडमिशन टेस्ट में रविवार को शामिल हुए प्रतिभागियों में से अधिकांश ने माना कि गणित का परचा काफी कठिन और अप्रत्याशित था।
कैट की परीक्षा देश के 23 शहरों में आयोजित की गई जिसमें करीब 2 लाख 40 हजार प्रतिभागी शामिल हुए। एक प्रतिभागी रहमान का कहना था कि चूंकि उनका गणित का अभ्यास बढ़िया था और अंग्रेजी का कमजोर इसलिए उन्होंने सबसे पहले अंग्रेजी का हिस्सा हल करना उचित समझा क्योंकि सबसे कठिन को सबसे पहले हल करना समझदारी होती है लेकिन जब उन्होंने गणित के हिस्से को देखा तो उनके होश उड़ गए। रहमान ने कहा कि उन्होंने सोचा भी नहीं था कि गणित के सवाल इतने मुश्किल होंगे।
इसी तरह दिल्ली के भार्गव वर्मा ने कहा कि पूरे प्रश्नपत्र में गणित का भाग बाकी भागों की तुलना में सबसे कठिन था। वर्मा ने कहा कि हालांकि परीक्षा का पैटर्न पिछले साल की तरह था लेकिन गणित का हिस्सा वाकई बेहद मुश्किल था। हालांकि कुछ लोगों ने कहा कि गणित का पेपर ठीक था लेकिन ज्यादातर प्रतिभागियों ने इसे कठिन करार दिया।
कुछ बदलाव दिखा :
टेस्ट के परचे में इस साल भी थोड़ा बहुत बदलाव देखने को मिला। हर सवाल के लिए इस बार ज्यादा विकल्प दिए गए थे और पिछली साल की तुलना में इस साल पेपर के तीनों हिस्सों वर्बल, डाटा इंटरप्रिटेशन और क्वांटिटेटिव एप्टिट्यूड में कुल सवालों की संख्या भी कम हुई। गौरतलब है कि कैट के पेपर में था 2003 में 150 सवाल पूछे गए थे जबकि 2004 में 123, 2005 में 90 और 2006 में 75।
अब नतीजों का इंतजार :
कैट परीक्षा के नतीजे दिसंबर माह में घोषित किए जाएंगे। जो प्रतिभागी परीक्षा में पास होंगे उन्हें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद, बेंगलोर, कोलकाता, इंदौर, कोझीकोड़ और लखनऊ में सीट मिलेगी।