भोपाल/नई दिल्ली.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश के विकास के वास्ते विभिन्न केंद्रीय योजनाओं-परियोजनाओं का आवंटन बढ़ाने और अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने का आग्रह किया।
श्री चौहान ने भोपाल में इंडियन इंस्टीट्यृूट ऑफ साइंस स्थापित करने की मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने पीएम को मप्र के सीधी जिले के ससान में चार हजार मेगावाट के अल्ट्रा मेगा पॉवर प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने के लिए आमंत्रित किया। यह देश का सबसे बड़ा कोयला आधारित पॉवर प्रोजेक्ट है।
प्रधानमंत्री डॉ. सिंह ने मप्र में विभिन्न क्षेत्रों में हुई अच्छी प्रगति एवं विकास के लिए श्री चौहान को बधाई दी। यहां प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने भारत निर्माण योजना के तहत गरीब परिवारों को आवास मुहैया कराने के लिए आवंटन में वृद्धि करने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि भोपाल में प्रस्तावित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के लिए 154 एकड़ जमीन आवंटित करने के बावजूद इसके निर्माण में देरी हो रही है। उन्होंने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का आवंटन बढ़ाने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में दो महत्वपूर्ण थर्मल पॉवर केंद्रों की स्थापना में भेल की देरी की ओर भी प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंहपुर और अमरकंटक की इकाई फरवरी 2007 में बनकर तैयार होना थी। इन दोनों इकाईयों के कमर्शियल प्रोडक्शन में विलंब हो रहा है। इन परियोजनाओं में विलंब के कारण राज्य को वर्ष 2006-07 में 675 करोड़ रुपए की बिजली खरीदनी पड़ी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का ध्यान दशकों पूर्व मप्र आए सिंधी शरणार्थियों की समस्याओं की ओर भी खींचा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राजस्थान और गुजरात सरकारों को सिंधी शरणार्थियों को नागरिकता देने की शक्तियां प्रदान कर दी है, लेकिन गृह मंत्रालय ने इस संबंध में मप्र के आग्रह को नामंजूर कर दिया है।
उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा बताए गए बिंदुओं पर विचार कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
शिवराज ने की आडवाणी से मुलाकात :
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में नेताप्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात कर राज्य के राजनीतिक हालातों की जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक आडवाणी से मुलाकात के दौरान उन्होंने हाल हीं में उनसे जुड़े डंपर विवाद की विस्तृत जानकारी भी दी।