नई दिल्ली.
सेना की एक कोर्ट ऑफ इंक्वायरी ने एक मेजर जनरल को उनके अधीन कार्यरत एक जूनियर महिला अधिकारी के साथ कथित दुराचरण का दोषी पाया है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, जांच के बाद लेह स्थित प्रतिष्ठित 3 इंफेंटरी डिवीजन के जनरल आफिसर इन कमांडिंग मेजर जनरल एके लाल को अब फिर लेह स्थित 14वीं कोप्र्स से संबद्ध कर दिया गया है। यहां इस मामले की जमीनी जांच के बाद मेजर जनरल को विधिवत कोर्ट मार्शल का सामना करना पड़ सकता है।
यह पहला मामला है जब एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को साथी महिला अधिकारी के साथ दुराचरण का दोषी पाया गया है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि लेफ्टीनेंट जनरल ए एस शेखों के नेतृत्व में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी ने कैप्टन नेहा रावत के आरोपों को पहली नजर में सही पाया। महिला अधिकारी ने मेजर जनरल लाल पर इस वर्ष 28 अगस्त को ध्यान साधना के दौरान उनके साथ र्दुव्यवहार का आरोप लगाया था।
महिला अधिकारी पर जवाबी आरोप
मेजर जनरल लाल के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद से ही उनके परिवार ने आरोप लगाने वाली महिला अधिकारी के चरित्र पर सवाल खड़े किए थे। शिकायत सार्वजनिक होने के फौरन बाद उन्होंने इस बारे में चंडीगढ़ में बाकायदे एक प्रेस काफ्रेंस भी की थी।