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पूरा मोहल्ला ही गायब हो गया!

इंदौर.
आबादी बढ़ी, मतदाता घटे

रामनगर (विधानसभा क्षेत्र-२) निवासी शरद पंवार कई दिनों से कलेक्टोरेट के चक्कर काट रहे हैं। उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में था लेकिन अब नहीं। कई अधिकारियों के पास गए लेकिन किसी ने मदद नहीं की।

शरद की तरह परेशान लोगों की सूची बहुत लंबी है। जिला निर्वाचन कार्यालय के आंकड़े बताते हैं चार वर्ष में इंदौर जिले में करीब ढाई लाख मतदाता कम हुए। इनमें ६0 हजार से ज्यादा शहरी क्षेत्र के हैं। आबादी बढ़ी तो मतदाता कैसे कम हो गए? इसके जवाब में निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी बताते हैं मार्च-अप्रैल में सर्वे के दौरान जो नहीं मिले उनके नाम काट दिए।

उधर, निगम में नेता प्रतिपक्ष छोटे यादव ने बताया आजादनगर और छावनी क्षेत्र में भी कई नाम छूटे हैं। पहचान-पत्र में भी ढेर सारी गलतियां हैं। पार्षद सुरजीतसिंह चड्ढा ने बताया कई परिचय पत्रों में नाम, उम्र और पते गलत हैं।

कहां गए बीस हजार मतदाता
पार्षद शिव वर्मा ने बताया नई सर्वे सूची के मुताबिक विधानसभा क्षेत्र-३ में ५६ हजार मतदाता हैं जबकि २क्क्३ में ७६ हजार से ज्यादा थे। कई बार शिकायत के बाद दोबारा सर्वे शुरू किया।

पूरा मोहल्ला ही गायब हो गया!
शिकायतकर्ता कलेक्टोरेट के चक्कर काट रहे हैं
रामनगर, विधानसभा क्षेत्र-२ में एक मोहल्ले के तीन सौ लोगों के नाम गायब हैं जबकि २00३ की सूची के आधार पर वे मतदान कर चुके हैं। शिकायतकर्ता कलेक्टोरेट के चक्कर काट रहे हैं। मूसाखेड़ी क्षेत्र के शिवनगर, मारुतिनगर, चंदननगर क्षेत्र के गीतानगर और नगीननगर के भी पांच सौ से ज्यादा नाम गायब हैं।

एक लाख आवेदन आए, डेढ़ लाख का इंतजार
जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक छूटे नाम और नए पहचान-पत्र के लिए अब तक एक लाख से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं। डेढ़ लाख और आने की उम्मीद है। छूटे नाम दावे-आपत्ति और सर्वे के बाद जोड़े जाएंगे।

नाम किसी का, तस्वीर किसी की
वार्ड- ५९ में ४0 से ज्यादा मतदाता पहचान-पत्र में गड़बड़ निकली। उनमें नाम किसी का था और फोटो किसी का। महिला के नाम पर पुरुष के फोटो भी नजर आए। पार्षद अरविंद बागड़ी की शिकायत पर सोमवार को गलतियां सुधारी गईं।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त को शिकायत कलेक्टर के तबादले की मांग
विधानसभा-दो में सर्वे के दौरान हुई गड़बड़ की शिकायत सोमवार को कांग्रेस पार्षद रमेश गागरे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को की। कलेक्टर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष चुनाव के लिए कलेक्टर विवेक अग्रवाल के तबादले की मांग भी की है। उनका आरोप है कई बस्तियों के मतदाताओं के नाम जानबूझकर काटे गए। इसकी जानकारी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी दी गई है।

जो नहीं मिला वह डिलिट
>> मतदाता कम नहीं हुए। घर-घर सर्वे में जो नहीं मिला उसका नाम डिलिट कर दिया। जो दूसरी जगह बस गए हैं उनसे भी फॉर्म भरवाया जा रहा है।
- के.आर. जैन, सहायक निर्वाचन अधिकारी

जनवरी में जारी होगी सही सूची
>> जहां-जहां शिकायत मिली गलती सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। मार्च में हुए सर्वे की आपत्तियां जांचने के लिए प्रारूप जारी किया है। अंतिम सूची जनवरी में जारी होगी।
सुरेश यादव, जिला निर्वाचन पर्यवेक्षक





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