इंदौर.
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने सांवेर उपचुनाव के लिए संतोष मालवीय को प्रत्याशी घोषित किया है। वे कुछ दिन पहले ही भारतीय जनशक्ति पार्टी छोड़कर भाजपा में आए थे। उधर दिवंगत विधायक प्रकाश सोनकर की पत्नी निशा सोनकर को टिकट नहीं मिलने से भाजपा में अंतर्विरोध शुरू हो गया।
सांवेर से टिकट का मामला श्रीमती सोनकर व श्री मालवीय के बीच ही अटका था। श्री सोनकर के असामयिक निधन के बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने उनकी पत्नी को टिकट देने का आश्वासन दिया था। अलग-अलग दौर में चले विचार-विमर्श के दौरान भी वे उनका पक्ष लेते रहे।
उधर, सांसद सुमित्रा महाजन ने स्थानीय प्रत्याशी को आधार बनाकर संतोष मालवीय का नाम बढ़ाया था। प्रदेश चुनाव समिति और भोपाल-दिल्ली में हुई बैठकों में भी वे इस पर अड़ी रहीं। भाजशपा छोड़ भाजपा में आए रघुनंदन शर्मा ने भी उनका नाम ही बढ़ाया।
उधर, सांवेर में सहानुभूति लहर का आभास नहीं होने और लांजी उपचुनाव हारने के बाद भाजपा नेतृत्व भी श्रीमती सोनकर से हटकर उम्मीदवार लाने का सोचने पर बाध्य हुआ। फिर भी उनका नाम आखिरी समय तक चलता रहा।
मुश्किल होगा समर्थकों को समझाना
अंतिम समय तक निशा सोनकर की उम्मीदवारी को लेकर आश्वस्त समर्थकों को समझाना भाजपा के लिए मुश्किल होगा। श्री मालवीय के भाजपा में आने के साथ ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था वे उनकी उम्मीदवारी स्वीकार नहीं करेंगे। तभी श्रीमती सोनकर ने भी चुनाव लड़ने की मंशा पहली बार सार्वजनिक की थी।
अब तो राजनीति में रहने के बारे में सोचना पड़ेगा-निशा
पार्टी से टिकट नहीं मिलने से निराश निशा सोनकर ने ‘भास्कर’ से कहा मुझे मेरे पति स्व. प्रकाश सोनकर के सपनों को पूरा करना था। यही कारण था कि मैं टिकट की मांग कर रही थी। वैसे अब मुझे यह सोचना होगा कि राजनीति में रहूं या नहीं? मैं और मेरा परिवार भाजपा प्रत्याशी श्री मालवीय को पूरा समर्थन देंगे। उन्हें हमारे परिवार की ओर से सेबोटेज के बारे में सोचना ही नहीं चाहिए।