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सत्तापक्ष ने कहा स्टेडियम वापस लो

ग्वालियर. parshads भारत-पाक क्रिकेट मैच के दौरान फैली अव्यवस्था और पार्षदों के साथ स्टेडियम में हुई अभद्रता के विरोध में सत्तापक्ष के पार्षदों ने नगर निगम परिषद की बैठक नहीं चलने दी। चार बार आसंदी घेरने के बाद अध्यक्ष ने अंतत: बैठक 26 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी।

सत्तापक्ष की ओर से सतीश बोहरे, ऋतु शेजवार, अविनाश दुबे समेत अन्य पार्षदों ने परिषद की बैठक शुरू होते ही आसंदी के पास पहुंच कर जीडीसीए के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इनकी मांग थी कि जीडीसीए की अव्यवस्था के कारण पार्षदों से साथ अभद्रता हुई है, इसलिए जीडीसीए को लीज पर दिया गया कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम लीज निरस्त कर वापस लिया जाए।

इस पर विपक्ष की ओर से सुधीर गुप्ता, देवेन्द्र तोमर, केशव मांझी ने कहा कि यह विशेष सम्मेलन है इसमें किसी नए मुद्दे पर चर्चा नहीं कराई जा सकती। यह, परिषद संचालन के नियमों के विरुद्ध है।

सत्तापक्ष के पार्षद सदन की कार्रवाई को बाधित कर रहे हैं, जिसकी वजह से पाषर्दों की मौलिक निधि, कचरा प्रबंधन व लैंडफिल साइट को संचालन के लिए ठेके पर दिए जाने जैसे जनहित के मुद्दों पर सदन में चर्चा नहीं हो पा रही है। सत्तापक्ष के पार्षदों की मांग पर मैच में हुई अव्यवस्था के मसले पर चर्चा की अनुमति नहीं दी। जब चौथी बार आसंदी का घेराव किया गया तो अध्यक्ष ने बैठक स्थगित कर दी।

नियमानुसार चर्चा पर एतराज नहीं : नेता प्रतिपक्ष
बैठक स्थगित होने के बाद नेता प्रतिपक्ष देवेन्द्र तोमर ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि विपक्ष को चर्चा से एतराज नहीं है परंतु सत्तापक्ष चर्चा किन बिंदुओं पर चाहता है इसका खुलासा करते हुए परिषद में नियमानुसार प्रस्ताव लाया जाना चाहिए। इस बिंदु को एजेन्डे में भी शामिल किया जा सकता है। यदि सत्तापक्ष किक्रेट मैच के मुद्दे का राजनीतिकरण करना चाहता है इसका विपक्ष विरोध करेगा।

सर्वदलीय बैठक के बाद होगी चर्चा : महापौर
परिषद की बैठक स्थगित होने के बाद महापौर विवेक शेजवलकर ने पत्रकारों से कहा कि यह आयोजन जीडीसीए का था और उसकी अव्यवस्थाओं की वजह से पार्षदों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस मसले पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक में विचार के बाद परिषद में चर्चा कराई जाएगी।





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