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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में चालान जमा करने के लिए सोमवार की सुबह पहुंचे शराब ठेकेदार के कर्मचारी बैग से अज्ञात उठाईगीर ने 23 हजार 200 रुपए पार कर दिए। पुलिस जांच में जुट गई है।
तोरवा थाना क्षेत्र के धोबी मोहल्ला में रहने वाला 30 वर्षीय छेदीलाल निर्मलकर पिता दुखीराम शराब ठेकेदार अमोलक सिंह भाटिया के यहां काम करता है। शिक्षित होने की वजह से बैंक में चालान जमा करने का काम भी वह किया करता था। सोमवार को उसे देसी शराब के लिए बैंक में रकम जमा करनी थी।
सुबह 9:30 बजे वह ठेकेदार के मुनीम राजेश्वर से 4 लाख, 81 हजार, 680 रुपए लेकर गया। उसे कई ठेकों के लिए अलग-अलग रकम जमा करनी थी, इस वजह से उसने फार्म में रकम और पूरी डिटेल भरकर बंडल बना लिए थे। इन बंडलों को एक हरे रंग के बैग में रखकर वह एक अन्य कर्मचारी समारू के साथ 10:15 बजे ही बैंक पहुंच गया।
यूनिवर्सिटी की फीस जमा होने की वजह से बैंक ठसाठस भरा हुआ था। कुछ देर वह बैंक के दरवाजे के पास ही खड़ा रहा। 10:25 को काउंटर खुलने से 5 मिनट पहले वह बैंक के अंदर गया। भीड़ की वजह से वह जैसे-तैसे अंदर जा रहा था। कुछ दूर पहुंचने के बाद कद छोटा होने की वजह से उसे बैग उठाने में परेशानी महसूस हुई तो उसने समारू को बैग उठाने के लिए कहा।
उसे बैग देते वक्त छेदीलाल ने देखा कि बैग की चेन एक किनारे से खुली हुई है। यह देखकर उसे शक हुआ और उसने बैग की जांच की, तो पता चला कि 23 हजार 200 रुपए का एक बंडल गायब हो गया है। उसने इसकी सूचना बैंक में उपस्थित सुरक्षाकर्मियों और अपने मालिक को दी। इसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। उसकी रिपोर्ट पर पुलिस ने भादवि की धारा 379 के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।
एक हफ्ते में दूसरी घटना
भारतीय स्टेट बैंक में उठाईगीरी की एक हफ्ते में यह दूसरी घटना है। 14 नवंबर को यहां रुपए जमा करने गया मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव जूना बिलासपुर निवासी मोहितराम महिलांगे उठाईगीरी का शिकार हो गया था।
रुपए जमा करने के लिए लाइन में खड़े रहने के दौरान अज्ञात उठाईगीर ने उसके बैग से 22 हजार रुपए पार कर दिए। उसे भी बैग का चेन खुला देखकर घटना का पता चला। पुलिस ने घटना के बाद बैंक के अंदर उपस्थित सभी लोगों की तलाशी भी ली, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।