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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. कैट पेपर मामले में पकड़े गए दोनों आरोपी छात्रों को कोलकाता पुलिस तीन दिन के ट्रांजिट रिमांड पर ले गई। सोमवार को कोलकाता पुलिस ने मोहाली फेज १क् के गौरव मिड्डा और सोनीपत के नरिंदर कुमार को जिला अदालत में पेश किया।
पहले उन्हें जिला अदालत की ड्यूटी मजिस्ट्रेट डॉ. रजनीश के समक्ष पेश किया गया। यहां आरोपियों की तरफ से वकीलों ने बेल की याचिका दायर की, जिस पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने सारा मामला सीजीएम वाईएस राठौर की अदालत में भेज दिया।
पुलिस की दलील अदालत में कोलकाता पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों का एक संगठित गैंग है, जो दिल्ली से ऑपरेट करता है। बाकी आरोपियों को दबोचने के लिए इनकी इंटेरोगेशन जरूरी है। उन्होंने अदालत में बताया कि आरोपी मल्टीपल फार्म भरकर एक साथ रोल नंबर हासिल कर आपस में नकल मारते हैं। इसी के लिए इन आरोपियों ने कैट के लिए एक साथ अलग-अलग एड्रेस पर पांच-पांच फॉर्म भरे। रूल्स के मुताबिक कैट का एक ही फॉर्म भरा जा सकता है। यह गिरोह दूसरों की जगह एग्जाम में बैठता है।
आरोपियों की तरफ से सफाई अदालत में आरोपियों के एडवोकेट्स ने याचिका दायर कर बताया कि कोलकाता पुलिस ने दोनों छात्रों पर गलत मामला दर्ज किया है। दोनों छात्र अपने ही रोल नंबर पर पेपर दे रहे थे, किसी दूसरे की जगह नहीं।
सुनवाई सीजेएम वाईएस राठौर ने कोलकाता पुलिस को दोनों आरोपियों का तीन दिन का ट्रांजिट रिमांड दे दिया।
पुलिस के मुताबिक रैकेट के तार दिल्ली से जुड़े कोलकाता पुलिस ने बताया कि रैकेट का पूरा संबंध सीधा दिल्ली से है। जिन 25 लोगों के मल्टीपल फॉर्म कोलकाता पुलिस को मिले, उन सभी के एड्रेस दिल्ली के ही हैं। प्राथमिक पूछताछ में दिल्ली के एक डॉक्टर और दो इंजीनियर्स के नाम का खुलासा हुआ है। पकड़े गए दोनों आरोपियों में भी एक इंजीनियर है, तो दूसरा इंजीनियरिंग कर रहा है। पुलिस को इस रैकेट में कई नामी लोगों के संलिप्त होने का संदेह है।
पहले खुद की थी आईआईएम ने गलती इस सारे रैकेट का पर्दाफाश चाहे खुद आईआईएम कोलकाता ने किया हो, लेकिन पहले खुद आईआईएम कर्मियों ने लापरवाही बरती थी। मल्टीपल फॉर्म होने के बावजूद आईआईएम इसे पकड़ नहीं पाया और सभी को रोल नंबर तक जारी कर दिए। कोलकाता पुलिस के मुताबिक रोल नंबर भेजने के बाद जब लिस्ट चेक की गई, तो पता चला कि एक ही एड्रेस पर पांच-पांच रोल नंबर जारी हुए हैं। ऐसे 25 मामले हैं। वह भी अलग अलग नाम से।
हम अभी कुछ नहीं कह सकते। दोनों आरोपियों को हमने गिरफ्तार कर लिया है, उनसे पूछताछ की जाएगी। इनका गिरोह काफी बड़ा है, जो दिल्ली से ऑपरेट करता है। दिल्ली में इनके साथियों की तलाश में हमारी दो टीमें अलग से जुटी हैं। एक डॉक्टर और दो इंजीनियर के नाम का पता चला है। लेकिन अभी हम इनकी आईडेंटिटी डिस्कलोज नहीं कर सकते।
—एएसपी पीके त्रिपाठी, साउथ २४ परगना