HomeNewsNational National

पांच लोग तय करते हैं सोने के दाम

लंदन .सोना 800 डॉलर प्रति औंस के भाव पर पहुंचने के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर सोने के दाम तय कैसे होते हैं। असल में, ये दाम तय करने के काम को पांच लोग अंजाम देते हैं। उनके तय किए दाम पूरी दुनिया में बैंचमार्क के रूप में चलते हैं। यह परंपरा 88 साल से चल रही हैं।

हालांकि, स्थानीय स्तर पर उपलब्धता एवं मांग के आधार पर दाम घट-बढ़ जाते हैं। दुनिया के पांच प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि दिन में दो बार मुलाकात करते हैं और सोने की खरीद-फरोख्त करके दाम तय करते हैं। लंदन में बर्कले कैपिटल के ट्रेडिंग रूम में जैसे ही 3:00 बजते हैं, बैंक के स्पॉट गोल्ड के प्रमुख मार्क बुकर की तरफ ध्यान चला जाता है।

बुकर चार अन्य बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हैं और कीमतें तय करते हैं। ड्यूश बैंक के चेयरमैन सोने के भाव खोलते हैं और मार्क बुकर इन कीमतों को ट्रेडिंग रूम में चला देते हैं। खरीद-फरोख्त के हिसाब से चेयरमैन कीमतें तय कर देते हैं। आमतौर पर कीमतें तय करने में 5 से 15 मिनट लगते हैं, लेकिन जब बाजार ज्यादा अस्थिर हो तो काफी वक्त लग जाता है।

सोने की कीमतें तय करने की इस प्रक्रिया का हाल ही में काफी महत्व बढ़ गया है, क्योंकि ये तीन माह में 30 फीसदी बढ़ गई हैं। करीब तीन साल में कीमतें दोगुनी हो गई हैं। स्पॉट गोल्ड में कारोबार तेजी से बढ़ा है। स्पॉट मार्केट की यही कीमतें सोने के उत्पादक, निवेशक तथा सैंट्रल बैंक इस्तेमाल करते हैं।

पहली कीमतसबसे पहली कीमत 12 सितंबर 1919 को 20.67 डॉलर प्रति औंस पर तय हुई थीं। मौजूदा रैली में सबसे ऊंची कीमतें 7 नवंबर को तय हुईं, जब सोना 841.75 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर जा पहुंचा। ये कीमतें 21 जनवरी 1980 के सर्वकालिक उच्चतम के काफी करीब थीं।

..और कौन-से बैंकबर्कले कैपिटल तथा ड्यूश बैंक के अलावा एचएसबीसी बैंक, सोसाइत जनरल तथा बैंक ऑफ नोवा स्कॉटिया का सोना प्रभाग स्काटिया मोकाटा शामिल हैं।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: