नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में चल रही हिंसा को लेकर लगातार दूसरे दिन लोकसभा और राज्यसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ और सदनों को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया।
आज भी लोकसभा की कार्यवाही ठीक तरह से नहीं चल सकी और नंदीग्राम मामले पर विपक्ष द्वारा तत्काल बहस किए जाने की जिद के चलते दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया। नंदीग्राम का मामला लोकसभा में भाजपा ने जोरदार तरीके से उठाया और राज्य सभा में यह मामला कम समय की चर्चा के तौर पर उठाया गया।
गौरतलब है कि नंदीग्राम मामले को लेकर सोमवार को भी संसद के दोनों सदनों में जोरदार हंगामा हुआ था और दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया था। आज लोस स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने कहा कि एनडीए की सदन को स्थगित करने की सोच निराशाजनक है। पिछले कुछ समय ऐसा हो रहा है और इसी तरह के रवैए के कारण आधा समय नष्ट हो चुका है। उन्होंने कहा कि पार्टियों को एक साथ बैठकर सार्थक चर्चा का तरीका सोचना चाहिए।
चटर्जी बिफरे एनडीए पर :
आज एनडीए के अड़ियल रवैए पर लोस स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने नाराजगी जताई और साफ शब्दों में कहा कि मुझे नहीं लगता कि इस तरह से सदन को चलाने का कोई मकसद है, इससे सिर्फ जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है। सदन की कार्यवाही चलने देने की बात कहते हुए चटर्जी ने कहा कि लोग देख रहे हैं और लोगों ने हमें इसलिए नहीं चुना है कि हम नारेबाजी करें।
विपक्ष का रवैया :
एनडीए ने स्पीकर की अपील को न मानते हुए कहा कि नंदीग्राम हिंसा एक जरूरी मुद्दा है और प्रश्नकाल को टालते हुए पहले इस पर बातचीत की जाना चाहिए। इसी तरह से राज्यसभा में भी भाजपाइयों ने काफी हो-हंगामा और नारेबाजी की। पहले सदन को प्रश्नकाल के दौरान स्थगित किया गया और फिर शून्यकाल के दौरान दिन भर के लिए।