|
पानीपत/हिसार.
देवउठनी एकादशी को शादियों का सबसे बड़ा मुहूर्त है। इस दौरान बुधवार को राज्य में एक ही दिन में करीब 10 हजार शादियां होंगी। इससे 20 हजार दिल एक ही दिन में इक-दूजे के हो जाएंगे और रिश्तों के पवित्र बंधन में बंधेंगे।
ग्रामीण इस दिन बेबूझ साहा मानते हैं। इस दिन शादी के लिए मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती।
पानीपत 1500
करनाल 250
सोनीपत 500
रोहतक 1500
अम्बाला 250
कुरुक्षेत्र 200
कैथल 500
यमुनानगर 150
फतेहबाद 600
जींद 500
भिवानी 400
रेवाड़ी 400
सिरसा 180
महेंद्रगढ़ 150
हिसार 130
एनसीआर 3000
ऐसे उठते हैं देव
मान्यता है कि विश्राम के बाद इस दिन देवता उठ जाते हैं। शाम के समय ओखल के नीचे चूरमा व पैसे आदि रखे जाते हैं। लड़कियां ओखल के पास आकर परंपरागत गीत गाती हैं। ओखल के नीचे रखी चीजों व पैसों को वे आपस में बांट लेती हैं।