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करौली. पांचना के पानी को लेकर आया उबाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को पांचना कमांड एरिया संघर्ष समिति की कैमला में जाम स्थल पर आयोजित बैठक में गुरुवार को पांचना बांध पर जाकर नहर खोलने का निर्णय लिया गया। इससे पहले सभा की जाएगी। दूसरी ओर, पांचना बांध से नहरों में पानी खोले जाने की मांग को लेकर कैमला, कोढियान की बगीची व किरवाड़ा सड़क पर किया जा रहा जाम तीसरे दिन भी जारी रहा।
कैमला में जाम स्थल पर हुई बैठक में संघर्ष समिति के हरसहाय कैमला व राजबहादुर मीणा ने कहा कि प्रशासन दीपावली के बाद से ही किसानों को आश्वस्त कर रहा है कि बांध से एक-दो दिन में पानी खोल दिया जाएगा, लेकिन एक पखवाड़े बाद भी पानी नहीं छोड़ा। प्रशासन के भरोसे तो उनकी रबी की फसल चौपट हो जाएगी। इसलिए समिति ने गुरुवार को जीरो चैन कुसाय के पास सभा करने और बाद में सामूहिक रूप से पांचना बांध से नहरों में पानी खोलने का निर्णय लिया गया है। करौली कलेक्टर नवीन जैन ने बताया कि पांचना कमांड एरिया संघर्ष समिति की नहरों में पानी खोलने की मांग पर आम सहमति का प्रयास किया जा रहा है।
आम सहमति से खोला जाए पानी
नादौती. पांचना बांध का पानी प्रशासन द्वारा किसी जाति के दबाव में आकर खोले जाने का 12 गांवों के गुर्जर समाज के लोग विरोध करेंगे। इस संबंध में बुधवार को गुर्जर समाज के लोगों ने तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया, जिसमें उल्लेख किया गया कि जाति विशेष द्वारा प्रशासन पर पांचना बांध का पानी सिंचाई के लिए खुलवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जिसका गुर्जर समाज विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि बांध का पानी आम सहमति से खोला जाए।