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भोपाल. बीएसएनएल ने मंगलवार शाम को ऐसे साढ़े छह हजार उपभोक्ताओं के फोन काट दिए, जिनका पांच सौ रुपए से अधिक का बिल बाकी है। कंपनी की इस कार्रवाई की चपेट में कई वरिष्ठ अधिकारी भी आ गए।
सूत्रों के अनुसार वल्लभ भवन व मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख सचिव व उनसे वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा किसी को भी इस कार्रवाई से बख्शा नहीं गया है। बीएसएनएल महाप्रबंधक महेश शुक्ला के अनुसार यह एक नियमित कार्रवाई है।
पुराने बकाया के मामले में जांच के आदेश
बीएसएनएल प्रबंधन अब इस मामले की जांच कराएगा कि सात साल या उससे अधिक समय तक बकाया होने पर भी संबंधित उपभोक्ता की टेलीफोन सेवाएं जारी क्यों रहीं? उपभोक्ता को बकाया जमा करने को क्यों नहीं कहा गया? यह निर्णय मंगलवार को टेलीफोन अदालत के दौरान आए प्रकरणों की सुनवाई के दौरान कंपनी के महाप्रबंधक महेश शुक्ला ने दिया।
टीटी नगर स्थित कार्यालय में लगभग दस घंटे तक चली टेलीफोन अदालत में आए 39 प्रकरणों में से अधिकतर उपभोक्ता पुराना बकाया माफ करने की मांग कर रहे थे। इनका तर्क था कि उन्होंने यह बिल जमा कर दिया है, लेकिन उनके पास सबूत नहीं है।
सबूत पेश करने वाले दो उपभोक्ताओं के बिल अदालत ने माफ कर दिए। अदालत में सुनवाई के दौरान श्री शुक्ला ने साफ किया कि सभी पुराने बकायादारों का एक बिल माफ करना संभव नहीं है। हर मामले में गुण दोष के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।