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Raipur Raipur रायपुर.
कोरबा जिले के बाकीमोंगरा में अंधत्व निवारण समिति के मुफ्त आई कैंप में आपरेशन के बाद आधा दर्जन मरीजों की आखों में इंफेक्शन हो गया। उनकी हालत देखते हुए आज आंबेडकर अस्पताल में दाखिल कराया गया।
कैंप के डाक्टरों को इसका पता आपरेशन के बाद ड्रेसिंग के समय चला। छह मरीजों की आंखें लाल थीं। इसका पता अन्य डाक्टरों को लगा और वे सभी मरीजों को तत्काल रायपुर ले आए। यहां उन्हें आंबेडकर अस्पताल में दाखिल कराया गया है। छह मरीजों में एक महिला की आंखें ज्यादा खराब हैं है।
आंबेडकर में दाखिल छह मरीजों में कोरबा जिले के मुड़ाली ग्राम की कुंजमति बाई (72), रंगबेल ग्राम की बुधवारो बाई (76), छिंदपुर ग्राम की सुदामा बाई (66), कसाईपाली की बोधनी बाई (69), रंगबेल की सहोबतिया (73) और जुनारडीह के मंगल सिंह (65) शामिल हैं। आंबेडकर अस्पताल के विशेषज्ञों ने सभी मरीजों को पांच-छह दिनों तक भर्ती रहने की सलाह दी है।
बाकीमोंगरा इलाके में जिला अंधत्व निवारण समिति का कैंप 18 नवंबर से शुरू हुआ है, जो 24 नवंबर तक चलेगा। कैंप के दौरान तीन ब्लाक के करीब 500 मरीजों के आपरेशन का लक्ष्य रखा गया है।
इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कोरबा जिले के दर्जनभर गांवों से गाड़ियों में मरीजों को भरकर कैंप में भर्ती किया जा रहा है। जांच कर उन्हें आपरेशन के बाद रवाना किया जा रहा है। मरीजों को रायपुर जिला अंधत्व निवारण समिति के अध्यक्ष डा. भारत भूषण बोड़े यहां लेकर आए।
उन्होंने अस्पताल के नेत्र विभाग एचओडी डा. एके चंद्राकर से बात कर उनसे इलाज के लिए मदद मांगी। डा. चंद्राकर ने मरीजों का अपनी देखरेख में इलाज शुरू कर दिया है। डा. चंद्राकर ने बताया कि मरीजों को वक्त रहते भर्ती करा लिया गया था, इसलिए उनकी स्थिति सामान्य है।
डा. भारत ने बताया कि 18 नवंबर के बाद अब तक 55 मरीजों का आपरेशन किया जा चुका है। लेकिन इन छह मरीजों को छोड़कर बाकी किसी की आंखों में समस्या नहीं आई। उन्होंने बताया कि मरीज काफी गरीब तबके के हैं और उनके पहनावे और रहन-सहन से ही इंफेक्शन का खतरा रहता है।
इंफेक्शन का पता आपरेशन के बाद ड्रेसिंग करते समय ही चल गया। उन्होंने बताया कि अब सभी मरीजों को आपरेशन के बाद गहन जांच के बाद छोड़ा जा रहा है। अस्पताल में भर्ती किसी भी मरीज को तकलीफ न हो, इसके पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे।