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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. जनपद पंचायत बिल्हा की सामान्य सभा में जिला पंचायत के सीईओ के खिलाफ बुधवार को बगावती तेवर नजर आए। जनपद उपाध्यक्ष जगदीश कौशिक, सदस्य विक्रम सिंह ने 17 सदस्यों को लेकर सीईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करने का दावा किया है। दूसरी ओर बिना अध्यक्ष, सीईओ तथा प्रभारी सीईओ की उपस्थिति के हुई इस बैठक की वैधता पर ही सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
खबर है कि जनपद पंचायत की अध्यक्ष सुशीला मरकाम, सीईओ पीके हारित की अनुपस्थिति में प्रभार देखकर पथरिया के सीईओ श्री हूरा में से कोई सामान्य सभा में उपस्थित नहीं था। श्री कौशिक ने बताया कि अध्यक्ष की अस्वस्थतावश उनकी अनुपस्थिति में उन्होंेने नियमानुसार बैठक बुलाई थी, जिसमें कोरम के लिए आश्यक 25 में से 17 सदस्य मौजूद थे। सीईओ की अनुपस्थिति में एडीओ बैठक में उपस्थित थे।
श्री कौशिक के मुताबिक बैठक में रोजगार गारंटी योजना के कार्यो की समीक्षा के दौरान ग्राम पंचायत द्वारा पूर्व में कराए गए कार्यो का भुगतान नहीं होने पर सदस्यों ने रोष जताया। ग्राम पंचायत बिजौर, मंगला, परसाही, परसदा, भरारी, भाड़ी, पौंसरा, बेलतरा, पेंडरवा, पोड़ी, गिधौरी, केंवाछी, भैंसबोड़, गढ़वट, अकलतरी, उड़नताल, बुंदेला, मदनपुर, दोमुंहानी में हुए निर्माण कार्यो की राशि का भुगतान 5 महीने से नहीं हो पाया है। इससे रुष्ट सदस्यों न जिला पंचायत के सीईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव की प्रति राज्य शासन एवं जिला प्रशासन को भेजने का निर्णय लिया गया है।
इधर जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित होने की खबर के प्रति अनभिज्ञता प्रदर्शित की है। उन्होंने बताया कि बिल्हा जनपद पंचायत के अंतर्गत रोजगार गारंटी योजना के निर्माण कार्यो की संपूर्ण राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त नए स्वीकृत कार्यो की 50 फीसदी राशि भी जारी की जा चुकी है।
बताया जाता है कि भाजपा के नेतृत्ववाले जनपद में एक धड़ा सीईओ के खिलाफ झंडा उठाए हुए है। वहीं पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर द्वारा बार-बार जिला पंचायत के कार्यो की सराहना करने तथा सीईओ को क्लीन चिट देने के कारण मामला हर बार फिस्स होता रहा।