|
जयपुर. प्रदेश में संविदा पर कार्यरत चिकित्साकर्मी अब नियमित हो जाएंगे। तीन माह में कैबिनेट मेमो तैयार होने के साथ ही इनके नियमितिकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
चिकित्सा मंत्री डॉ. दिगंबर सिंह ने बताया कि सरकार ने संविदा कर्मियों को नियमित करने के लिए नियम-कायदे तैयार कर लिए हैं। विभिन्न विभागों की स्वीकृति मिल चुकी है और अगले तीन माह में कैबिनेट मेमो तैयार होने के साथ ही इनके नियमितिकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सिंह ने बताया कि नियमितिकरण से लाभांवित होने वालों में 925 मेडिकल ऑफिसर, 1476 नर्स ग्रेड टू, 538 लेब टेक्निशियन, 38 असिस्टेंट रेडियोग्राफर, 1228 महिला स्वास्थ्यकर्ता हैं। आयुर्वेद विभाग में 309 आयुर्वेद चिकित्सक, 144 कंपाउंडर शामिल हैं। सभी संविदाकर्मियों की नियुक्ति ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के तहत ग्रामीण इलाकों में की जाएगी जहां इनकी सर्वाधिक जरूरत है।
भविष्य में आरपीएससी से होंगी नियुक्तियां
चिकित्सामंत्री ने बताया कि विभागीय प्रोजेक्ट को छोड़कर भविष्य में चिकित्सा विभाग में होने वाली सभी नियुक्तियां आरपीएससी के माध्यम से कराई जाएंगी। इससे संविदा के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
काम पर लौटे संविदाकर्मी
पिछले 74 दिनों से हड़ताल पर बैठे चिकित्सा संविदाकर्मी नियमितिकरण के फैसले के साथ ही गुरुवार को धरना समाप्त कर फिर से काम पर लौट गए हैं।
* अब सरकार को संविदाकर्मियों को नियमित करने की औपचारिकता पूरी करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करनी चाहिए।
-रामसजन यादव, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन
* सरकार के फैसले के बाद ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा।
- डॉ. रोमिल सिंह, संयोजक, संयुक्त संघर्ष समिति