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एक हजार छात्र जाएंगे वैज्ञानिक संस्थानों में

भोपाल. राज्य सरकार प्रदेश के ऐसे सौ चुनिंदा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के जरिए विज्ञान शिक्षा की राह में आगे ले जाएगी जिनके भीतर इस विषय से संबंधित प्रतिभा नजर आएगी। ऐसी प्रतिभाओं को इस सुविधा के लिए एक लाख विद्यार्थियों के बीच खुद का दम साबित करना होगा।

मिशन एक्सीलेंस नामक उक्त योजना की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को लाल परेड मैदान स्थित वराहमिहिरपुरम् में विज्ञान एक्सपो के उद्घाटन समारोह में की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री कैलाश विजय वर्गीय ने की। विशेष अतिथि थे महापौर सुनील सूद।

अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन एक्सीलेंस के तहत एक लाख बच्चों में से चुने गए एक हजार बच्चे देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों का भ्रमण करेंगे। फिर इनमें से सौ बच्चे विज्ञान की राह में आगे ले जाने के लिए चुने जाएंगे। सरकार इन्हें छात्रवृत्ति प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन सरकारी कर्मकांड नहीं है, बल्कि बच्चों की वैज्ञानिक प्रतिभा विकसित करने के लक्ष्य को लेकर किया गया है। श्री सूद ने कहा कि संस्कृति से ही साइंस का उदय हुआ है।

सालभर चलने वाला भोजन
बच्चों को यहां उपलब्ध विज्ञान की नई-नई जानकारियों को आत्म सात करना चाहिए ताकि समाज के हित में इनका उपयोग हो सके। श्री विजयवर्गीय ने कहा कि भारत की परंपरा, संस्कृति और धर्म हर चीज में विज्ञान की छाप है।

उन्होंने तुलसी के पौधे के वैज्ञानिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी उपयोगी बातें मान्यताओं के रूप में प्रचलित हो र्गई। अब अमेरिका खोज करके हमें बता रहा है। स्वागत भाषण मप्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष डॉ. एसपी गौतम ने दिया। एक्सपो की जानकारी मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. महेश शर्मा ने दी।

सम्मेलन आज से:
भारतीय विज्ञान सम्मेलन का शुभारंभ 23 नवंबर को सुबह 10 बजे रवींद्र भवन स्थित आर्यभट्टपुरम् में होगा। मुख्य अतिथि होंगे योजना आयोग के सदस्य डॉ. वीएल चौपड़ा। विज्ञान भारती के अध्यक्ष प्रो केआई वासु अध्यक्षता करेंगे। इस मौके पर अक्षय विकास हेतु प्राकृतिक संसाधनों का समग्र वैज्ञानिक प्रबंधन विषय पर विज्ञान मंथन होगा, जिसमें जाने-माने वैज्ञानिकों के उद्बोधन होंगे।

>> -‘‘एक हजार साल की गुलामी में भारत अपनी प्राचीन विरासत भूल गया। वैज्ञानिक भारत के विश्व गुरू होने को प्रमाणित कर सकते हैं। उन्हें विज्ञान के बिखरे हुए पहलुओं को चुन-चुनकर विश्व के सामने लाना चाहिए।’’
-कैलाश विजयवर्गीय

विज्ञान एक्सपो और सम्मेलन आज के आयोजन
लाल परेड मैदान पर दोपहर 12 से एक बजे तक भारतीय वैज्ञानिक प्रौद्योगिकी संस्थान के चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. वीपी शर्मा व भौतिकीविद् आरएस सिरोही व तीन से चार बजे कम्प्यूटर विशेषज्ञ डॉ. विजय भाटकर व डॉ. एसएमपी खुराना जिज्ञासुजनों से रू-ब-रू होंगे।

प्रशासन अकादमी में युवा वैज्ञानिक कांग्रेस का शुभारंभ दोपहर दो बजे। रात आठ बजे गजल गायक भूपेंद्र-मिताली का गायन।

रवीं्रद भवन में शाम छह बजे विज्ञान एवं सामाजिक विकास विषय पर विशेष सत्र। मेगसेसे अवार्ड प्राप्त जल विशेषज्ञ राजेंद्रसिंह का उद्बोधन।

cm>> भारत की समृद्घ वैज्ञानिक परंपरा रही है। यहां विज्ञान और अध्यात्म का अद्भुत समन्वय रहा। हमारी मान्यताओं और परंपराओं की गहराई में विज्ञान रहा है। सुश्रुत, चरक, वराहमिहिर व पतंजलि उसी परंपरा के प्रतिनिधि हैं।
-शिवराज सिंह





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