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जयपुर. पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से शरण देने से मना कर देने के बाद बांग्लादेश की विवादास्पद लेखिका तसलीमा नसरीन को गुरुवार शाम अचानक जयपुर
पहुंचीं। उन्हें जयपुर में घंटों भटकने के बाद सचिवालय के पीछे सी स्कीम में होटल शिखा में पुलिस के हस्तक्षेप से रात भर रुकने के लिए जगह मिली। उन्हें यहां वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इस होटल के भीतर और आसपास भी गुप्तचर पुलिस का कड़ा पहरा है।
होटल में पहले से रुके लोग उसी में बंद हो गए हैं और जो बाहर घूमने गए थे उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। कई मुस्लिम संगठनों ने तस्लीमा को वीजा देने के विरोध में पश्चिम बंगाल में आंदोलन छेड़ दिया था, जिसमें बुधवार को हिंसा भड़क उठी थी। इसके बाद पश्चिम बंगाल की पुलिस ने तस्लीमा को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कह दिया था।
केंद्र सरकार ने तस्मीला के वीसा की तिथि अगले साल 17 फरवरी तक बढ़ा दी थी। पिछली बार तस्लीमा के जयपुर आने के दौरान भी विवाद हो गया था। पहले दिन उन्हें राजभवन में एक कार्यक्रम में आने से रोक दिया था, लेकिन ‘भास्कर’ में खबर छपने के बाद उन्हें फिर बुलाया गया। आईजी सिक्योरिटी मेघचंद मीणा ने बताया कि पश्चिम बंगाल से कोलकाता के पुलिस उपायुक्त ने राज्य पुलिस को तस्लीमा के जयपुर आने और उन्हें केंद्र की ओर से वाई श्रेणी की सुरक्षा के बारे में जानकारी दी थी। तस्लीमा कोलकाता से शाम छह बजे जयपुर हवाई अड्डे पर पहुंची तो उनके लिए तीन एस्कोर्ट गाड़ियां पहले से तैयार थी। तस्लीमा की कार इन गाड़ियों के साथ ही निकलीं।
तस्लीमा ने यहां आते ही क्लार्क्स आमेर, रामबाग पैलेस, राजपूताना शेरेटन सहित कई होटलों में ठहरने के लिए कमरा चाहा, लेकिन उन्हें यह कहकर इनकार कर दिया गया कि पर्यटन सीजन और शादियों के सावों की वजह से सभी कमरे बुक हैं। इसके बाद वे देर रात सचिवालय के पीछे शिखा होटल में पहुंची।
होटल-दर-होटल भटकतीं रहीं
हवाई अड्डे से तसलीमा सीधे होटल क्लार्क आमेर गईं लेकिन वहां उन्हें जगह नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने होटल रामबाग पैलेस में शरण लेनी चाही। यहां से भी इनकार करने पर वे एमआई रोड की तरफ बढ़ीं। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद होटल शिखा में शरण मिली।
मिल्ली कौंसिल ने किया विरोध
जयपुर: तसलीमा के गुरुवार को जयपुर में पहुंचने के साथ ही उनका विरोध शुरू हो गया। आल इंडिया मिल्ली कौंसिल ने उन्हें अविलंब राजस्थान और देश से निकालने की मांग की है। कौंसिल इस बारे में शुक्रवार को राज्यपाल, मुख्यमंत्री व गृह मंत्री को ज्ञापन देगी।
मिल्ली कौंसिल के प्रदेश मीडिया सचिव मुजाहीद्दीन नकवी ने कहा कि तसलीमा हमेशा इस्लाम विरोधी बातें करती हैं, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ता है। उनके कारण कोलकाता में बुधवार को अप्रिय घटनाएं हरुई और सेना बुलानी पड़ी। इसी वजह से प. बंगाल सरकार ने उनको निकाल दिया। तसलीमा राजस्थान में रहीं तो यहां का माहौल खराब हो सकता है।
मिल्ली कौंसिल राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को भी ज्ञापन भेजेगी कि तसलीमा देश से बाहर भेजी जाएं। नकवी ने बताया कि अगर तसलीमा को राज्य से जल्द नहीं निकाला गया तो कौंसिल संवैधानिक तरीके से विरोध और राज्यभर में आंदोलन चलाएगी।