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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. जिला अस्पताल की २0 लाख में खरीदी गई मेमोग्राफी मशीन पूजा-पाठ के बाद दूसरे दिन से ही ठप हो गई, जिसके कारण स्तन कैंसर की जांच बंद हो गई है। आदिवासी बहुल बिलासपुर जिले में स्तन कैंसर की शिकायत अधिक होने के कारण सांसद मोहसिना किदवई ने सांसद मद से गरीब आदिवासियों को जांच सुविधा उपलब्ध कराने के लिए २क् लाख की मेमोग्राफी मशीन प्रदान की है।
जिला अस्पताल प्रशासन ने स्तन कैंसर की जांच की सुविधा शुरू करने के लिए सांसद से कई बार इसके लोकार्पण के लिए समय मांगा, लेकिन व्यस्तता के कारण सांसद समय नहीं दे सकीं। अंतत: नवरात्र से लगातार समय न मिलने पर कलेक्टर के फरमान पर जिला अस्पताल प्रशासन ने गत ७ नवंबर को इस मशीन को जन स्वास्थ्य सुविधा के लिए शुरू कर दिया। इस दिन एक महिला का परीक्षण भी किया गया।
नियमानुसार कंपनी के इंजीनियर द्वारा जिला अस्पताल के डाक्टरों एवं तकनीक स्टाफ को कम से कम १५ दिन इस मशीन को आपरेट करने का प्रशिक्षण दिया जाना था, लेकिन कंपनी का इंजीनियर मशीन को स्टाल करने व ओके रिपोर्ट लेने के बाद बिना किसी को प्रशिक्षण दिए यहां से रवाना हो गया। बताया जाता है कि मशीन में करंट ही नहीं जा रहा है।
करंट स्टेबलाइजर तक ही जा रहा है, जिसके कारण यह मशीन चालू नहीं हो रही है। इधर मशीन के बंद होने के कारण बीमारी से सशंकित महिलाएं रोज जांच के लिए पहुंच रही हैं और मशीन बंद होने की वजह से लौटकर महंगे दाम पर अपोलो में जांच कराने विवश हैं।
बताया जाता है कि अब जिला अस्पताल प्रशासन कंपनी मुख्यालय को सूचित कर इंजीनियर भेजने की मांग कर रहा है, परंतु कंपनी ने अभी तक मशीन की मरम्मत के लिए इंजीनियर को नहीं भेजा है। मशीन की खराबी के संबंध में जानकारी के लिए सिविल सर्जन डा. गिरीश पाण्डेय से चर्चा का प्रयास किया गया, परंतु उनसे संपर्क नहीं हो सका।
फिमेल तकनीशियन नहीं
जिला अस्पताल में जांच के लिए मशीन तो आ गई, परंतु जिला अस्पताल ने मशीन के संचालन के लिए किसी महिला तकनीशियन को प्रशिक्षण नहीं दिलाया। इस अस्पताल में केवल रेडियोलाजिस्ट डा. सुरेश तिवारी ने ही मशीन को आपरेट करने का प्रशिक्षण प्राप्त किया है।