Breaking News 
bhaskar Web English


HomeNewsMetrosChandigarh Chandigarh

‘दुधारु पशुओं को गांव से बाहर नहीं निकालेंगे’

चंडीगढ़. पांच गांवों (डड्डूमाजरा, मलोया, कजहेड़ी, पलसौरा और हल्लोमाजरा) के पुशपालकों को भी गांवों से बाहर निकालने के बजाय रिहैब्लिटेट किया जाएगा। यह आश्वासन प्रशासक के सलाहकार प्रदीप मेहरा ने मेयर हरजिंदर कौर द्वारा पशुपालकों की मांग रखने पर दिया।

मेयर ने प्रशासक के सलाहकार से मिलकर पांच गांवों के पशुपालकों की मांग रखी थी कि उन्हें गांवों से बाहर निकालने के निगम ने नोटिस जारी किए हुए हैं। उनकी जमीन तो पहले ही एक्वायर हो गई थी, अब उनके परिवार की रोजी-रोटी पशुओं के सहारे चल रही है।

ऐसे में उन्हें गांवों से उजाड़ने के बजाय कहीं भी एडजस्ट किया जाए। इससे पूर्व भी निगम में शामिल चार गांवों बुड़ैल, बढ़हेड़ी, बटरेला और अटावा के पशुपालकों को मलोया गांव में प्लॉट अलॉट किए गए थे। उससे वहां पर डेयरियां चल रही हैं।

इन्हें भी चार गांवों की तर्ज पर मलोया गांव में रिहैब्लिटेट किया जाए। ऐसा किए जाने से गांवों के लोगों की दूध की डेयरी का बिजनेंस चलता रहेगा। प्रशासक के सलाहकार ने मेयर को आश्वस्त किया कि इस संबंध में डीसी आर.के. राव और निगम कमिश्नर पी.एस. औजला को डायरेक्शन जारी कर दी गई है।

जब तक पशुपालक को जगह अलॉट नहीं की जाएगी, तब तक उनके दुधारु पशुओं को गांव से बाहर नहीं निकाला जाएगा। मेयर हरजिंदर कौर का कहना है कि पिछले दिनों निगम की ओर से पांचों गांवों के पशुपालकों को नोटिस जारी कर पशुओं को शहर से बाहर निकालने के निर्देश जारी किए गए थे। अब पशुओंपालकों को निश्चिंत होकर अपनी डेयरीज चलानी चाहिए।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: