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नई दिल्ली. रेल यात्रा करने वाले मुसाफिरों को अब ट्रेन की सही स्थिति जानने के लिए रेलवे इन्क्वायरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रेल विभाग के प्रस्तावित सैटेलाइट इमेजिंग फॉर नेवीगेशन (सिमरन) प्रणाली के जरिए लोग जल्दी ही अपने मोबाइल फोन से एसएमएस कर ट्रेन की एकदम सही स्थिति जान सकेंगे। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के मकसद से इस पायलट प्रोजेक्ट को भारतीय रेलवे ने हरी झंडी दिखा दी है।
ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) पर आधारित इस प्रणाली के सहारे प्लेटफॉर्म पर लगे डिसप्ले बोर्ड, इंटरेक्टिव वॉइस रिस्पांस सिस्टस (आईवीआरएस), एसएमएस और इंटरनेट के जरिए भी ट्रेन की वास्तविक स्थिति जानी जा सकेगी। मंत्रालय के एक अफसर ने बताया कि इस पायलट प्रोजेक्ट को रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) लखनऊ और आईआईटी कानपुर द्वारा मिलकर तैयार किया जा रहा है।
रेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रोजेक्ट के तहत यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति के बारे में सटीक सूचना देने के लिए सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर विकसित किए जाएंगे।
पायलट प्रोजेक्ट में नई दिल्ली से चलने वाली सभी राजधानी, शताब्दी एक्सप्रेस के साथ लखनऊ और कानपुर के बीच चलने वाली इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (ईएमयू) का चुनाव किया गया है।