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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. शिक्षा विभाग के ताजा फरमान के मुताबिक शिक्षक न्यूनतम 6 घंटे स्कूल में उपस्थित रहेंगे। जिन शालाओं में सुबह और दोपहर की पालियों में अलग-अलग कक्षाएं लगती हैं, वहां के शिक्षक साढ़े चार घंटे ड्यूटी करेंगे।
शिक्षा विभाग ने दो पालियों वाले स्कूल के शिक्षकों का ड्यूटी टाइम कम तो किया है, लेकिन इसके साथ शर्त भी जोड़ी है कि वे घर जाने के बाद कम से कम डेढ़ घंटे शिक्षकीय कार्य करेंगे। घर में किस तरह के शिक्षकीय कार्य करेंगे, फिलहाल इसका खुलासा नहीं किया गया है।
शिक्षा विभाग के अवर सचिव बिबियाना तिर्की ने टाइमिंग में बदलाव का आदेश शुक्रवार को लोक शिक्षण संचालनालय और राजीव गांधी शिक्षा मिशन के साथ-साथ राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद व प्रत्येक जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को भेज दिया है। जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से यह फरमान विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को भेजा जाएगा।
शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। विभाग ने इसी साल 19 सितंबर को आदेश जारी कर स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति 7 घंटे अनिवार्य कर दी थी। सुबह की पाली में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के लिए भी यह अनिवार्य कर दिया गया था।
आदेश में कहा गया था कि भले ही उनके स्कूल में पहली पाली की कक्षाएं छूटने के बाद दूसरी पाली की क्लासेस लगती हैं, लेकिन वे शाला के स्टाफ रुम में मौजूद रहकर शिक्षा के विकास के लिए विचार मंथन और कार्य करें। शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद राज्यभर के शिक्षकों में खलबली मच गई थी।
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक कांग्रेस सहित अन्य संगठन इस फैसले के विरोध में खड़े हो गए थे। जानकारों ने बताया कि शिक्षा विभाग ने बाद में खुद इस निर्णय को लेकर वस्तुस्थिति का आंकलन किया।अध्ययन के बाद आला अफसर इस नतीजे पर पहुंचे कि 7 घंटे स्कूलों में मौजूदगी व्यवहारिक दृष्टि से उचित नहीं है। राज्य की ज्यादातर स्कूलों में ऐसा कर पाना संभव भी नहीं है। अंतत: अफसरों ने अपने निर्णय को वापस लेना ही उचित समझा।