|
इंदौर. प्रदेश के करीब 245 कॉलेज ऐसे है जो शिक्षासत्र 200-08 में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन की मान्यता के बिना चल रहे है। इन कॉलेजों के पास संसाधनों की कमी, टीचिंग स्टाफ, आदि नहीं होने से एनसीटीई ने काउंसलिंग के समय तक मान्यता नहीं दी।
इस कारण ये कॉलेज हाईकोर्ट पहुंचे और कुछ शर्तो के आधार पर उन्हें काउंसलिंग में शामिल कर लिया गया। कॉलेज अब एनसीटीई के कायदे पूरे नहीं कर पाए इसके चलते इनके निरीक्षण भी नहीं हुए और मान्यता भी नहीं मिली। जिन कॉलेजों ने जबलपुर हाई कोर्ट में अर्जी लगा रखी है उसकी सुनवाई सोमवार को होना है। सुनवाई के बाद इन कॉलेजों के प्रवेश निरस्त हो सकते है।
कितने छात्र प्रभावित होंगे सर्शत काउंसलिंग में शामिल होने वाले कॉलेजों में करीब 5210 छात्रों ने प्रवेश ले रखा है। मान्यता नहीं मिलने पर इन कॉलेजों के छात्र प्रभावित होंगे, जबकि कुल 25512 छात्रों के ही प्रवेश हो सके थे। इनमें से 5210 छात्रों के प्रवेश निरस्त हो सकते है। ये छात्र करीब 75 दिनों तक ही कॉलेजों में पढ़ सकेंगे, जबकि नियमानुसार एक छात्र को कम से कम 200 दिन की पढ़ाई करना होता है।