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इंदौर. सहायक शिक्षिका मीना हेमाराजानी नंदानगर स्कूल से हर महीने 14 हजार रुपए वेतन ले रही हैं। बारह वर्षो में वे कभी स्कूल तो नहीं आई अलबत्ता विभिन्न राज्यसभा सदस्यों के यहां अटैचमेंट के कागजात जरूर आते रहे।
उनका अटैचमेंट खत्म करने की हिम्मत भी किसी अधिकारी ने नहीं जुटाई। वे तो उनके बारे में जानकारी देने में भी हिचकिचाते रहे। सांवेर उपचुनाव की आचार संहिता के चलते जब उन्हें दिल्ली से रिलीव करने का आदेश आया तो हलचल मची। हालांकि वे कई बार कागजों पर रिलीव और ज्वाइन हो चुकी हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ।
संकुल प्रभारी की गलती
मैंने समय-समय पर सभी अटैचमेंट खत्म करने के आदेश जारी किए। फिर भी श्रीमती हेमाराजानी को भुगतान होता रहा। यह संकुल प्रभारी की गलती है, जिनसे जवाब मांग रहे हैं।
- माया मालवीय, जिला शिक्षा अधिकारी
कैसे लिया वेतन, जांच होगी
शिक्षकों को किसी भी तरह अटैच करना गलत है। उन्हें शैक्षणिक व्यवस्था के लिए अन्य स्कूल में कुछ समय रखा जा सकता है। उस पर भी पाबंदी लगा दी है। श्रीमती हेमाराजानी इतने समय दिल्ली में बैठकर कैसे भुगतान लेती रहीं इसकी जांच की जाएगी।
- आशुतोष अवस्थी, अपर संचालक शिक्षा व सीईओ जिला पंचायत
मुझे पता नहीं
मुझे पता ही नहीं था श्रीमती हेमाराजानी स्टाफ में हैं।
- आर.जी. नारोलिया, विकासखंड शिक्षा अधिकारी