उज्जैन. प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री हेमामालिनी व उनकी पुत्री अभिनेत्री ईशा देओल द्वारा महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना और अभिषेक करने के दौरान बैग साथ रखने से मंदिर की कार्यप्रणाली पर फिर से प्रश्नचिह्न् लग गया है।
गर्भगृह में लेदर का सामान ले जाने का निषेध रहता है। भक्तों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि भले ही हेमामालिनी और उनकी बेटी को इसकी जानकारी नहीं हो लेकिन मंदिर प्रबंध समिति तो उन्हें इसके बारे में बता सकती थी।
उज्जैन आई हेमामालिनी ने गुरुवार को अपनी बेटी ईशा के साथ महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना की। जब उन्होंने गर्भगृह में प्रवेश किया तो दोनों के कंधों पर बैग भी टंगा था। उस वक्त प्रशासन, पुलिस व मंदिर प्रबंध समिति के अधिकारी भी मौजूद थे लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
पूजा-अर्चना खत्म होने के थोड़ी देर पहले जरूर उनके सेक्रेट्री ने बैग अपने हाथ में लिया था। दक्षिणा देने के लिए हेमा ने फिर बैग मंगा लिया। गर्भगृह में बैग ले जाने पर भक्तों ने आपत्ति जताई है। शयन आरती भक्त मंडल के महेंद्र कटियार ने कहा हेमा और उनकी पुत्री ईशा को गर्भगृह में बैग ले जाने से रोकने की जिम्मेदारी प्रबंध समिति की थी लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
संजय पुजारी ने कहा गर्भगृह में चमड़े की वस्तु ले जाना शास्त्रों के मुताबिक निषेध है। हेमामालिनी व ईशा का बैग चमड़े का था या नहीं, पक्का नहीं कह सकते लेकिन वह वेलवेट जैसा दिख रहा था।