सम्पादकीय. उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत तीन जिला मुख्यालयों में शुक्रवार को हुए विस्फोट आतंकियों के खतरनाक और नापाक मंसूबों को तो जताते ही हैं, साथ ही प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवालिया निशान लगाते हैं। हफ्तेभर पहले राहुल गांधी के अपहरण की कथित साजिश का भंडाफोड़ करने के बाद से अपनी ही पीठ ठोंकने में लगी राज्य पुलिस को शायद यह भान नहीं रहा कि आतंकी गिरोह दीगर साजिशों को अंजाम देने की फिराक में भी हो सकते हैं।
तीन जिला मुख्यालयों के कलेक्टोरेट परिसर में लगभग एक ही समय हुए ये विस्फोट जहां आतंकी गिरोहों की ठीक निशाने पर वार करने की क्षमता को रेखांकित करते हैं वहीं पुलिस के खुफिया तंत्र की नाकामी भी उजागर करते हैं। वैसे भी उत्तर प्रदेश पुलिस हमेशा से अपनी कार्य-कुशलता के लिए कम, राजनीति और बदले की कार्रवाइयों में व्यस्त रहने के लिए ज्यादा पहचानी जाती रही है। राज्य का आकार-प्रकार भी उसकी कार्य-कुशलता को सीमित करता है। साथ ही नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में बड़ी संख्या में खुले मदरसे भी आतंकियों के प्रशिक्षण और शरणस्थल में मददगार होते हैं। मायावती के राज में भी हालात पहले से ज्यादा नहीं बदले हैं।
ताजा बम विस्फोटों में वकीलों का निशाने पर होना इस बिरादरी के प्रति आतंकियों की खीज और गुस्से को परिलक्षित करता है। फैजाबाद और वाराणसी के वकीलों से आतंकी इस वजह से नाराज थे कि वहां के वकीलों ने सामूहिक फैसला करके आतंकी वारदातों के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए लोगों के मुकदमे लेने से इनकार कर दिया था। लखनऊ के वकीलों से वे इसलिए खार खाए बैठे थे कि उन्होंने राहुल गांधी के अपहरण की साजिश में गिरफ्तार आतंकियों की सरेआम पिटाई कर दी थी। कोई मामला हाथ में लेना या न लेना किसी भी पेशेवर वकील का निजी अधिकार है। डरा-धमकाकर या फिर बम धमाके करके उन्हें किसी की पैरवी करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
फैजाबाद या वाराणसी के वकील इन विस्फोटों से दहशत खाकर आतंकियों की पैरवी करने के लिए आगे आ जाएंगे यह बेहद कुत्सित सोच है। यह बात अलग है कि वे अपने विवेक से किसी आरोपी की पैरवी करने का फैसला करें। इन विस्फोटों ने आतंकियों के हाथ बहुत लंबे होने की अवधारणा को मजबूत किया है। इन्हें कतरने के लिए केंद्र और उत्तरप्रदेश एक-दूसरे पर दोष मढ़ने से बाज आएं और दोनों मिलकर इन विस्फोटों की साजिश को तो नाकाम करे हीं, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के पुख्ता उपाय भी करें।