अमृतसर. सिखों की सर्वोच्च संस्था एसजीपीसी के प्रधान पद के चुनाव में मक्कड़ बिना किसी विरोध के तीसरी बार प्रधान चुने गए हैं। कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी का चुनाव भी विरोधी गुट की सहमति से हुआ।
मक्कड़ की टीम में रघुजीत सिंह विर्क को सीनियर और केवल सिंह बादल को जूनियर उपप्रधान और सुखदेव सिंह भौंर को महासचिव नियुक्त किया गया है।
एसजीपीसी के विरोधी गुट के वरिष्ठ सदस्य मनजीत सिंह कलकत्ता ने मक्कड़ को कार्रवाई शुरु करने से रोकते हुए कहा, इजलास का दिन गलत रखा गया है। गुरु नानक देव के प्रकटोत्सव के उपलक्ष्य में निकाले जाते नगर कीर्तन वाले दिन इसकी तिथि निर्धारित नहीं की जानी चाहिए थी। लेकिन मक्कड़ ने सचिव हरबेअंत सिंह को कार्रवाई शुरु करने की हिदायत दी।
दोपहर 1.15 मिनट पर मक्कड़ के नाम का प्रस्ताव पूर्व प्रधान किरपाल सिंह बडूंगर ने पेश किया। उनके नाम का अनुमोदन रघुबीर सिंह ने किया। विरोधी गुट की ओर से मैदान में कोई उम्मीदवार न उतारे जाने के कारण बिना किसी विरोध के मक्कड़ क ो प्रधान चुन लिया गया।
टोका-टोकी करते रहे विरोधी अंत में अवतार सिंह मक्कड़ ने जूनियर उपप्रधान के लिए नाम पेश करने का आदेश दिया, विरोधी गुट के सदस्य करनैल सिंह पंजौली ने बीच में टोकते कहा, मक्कड़ शरीफ तो हैं, लेकिन कमजोर प्रधान हैं। अंत में मक्कड़ ने विरोधी गुट द्वारा दिखाई गई सद्भावना और प्यार के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
ये है कार्यकारिणी
कार्यकारिणी में गुरविंदर सिंह शामपुरा, निर्मल सिंह और करनैल सिंह पंजौली को पहली बार शामिल किया गया है। अन्य सदस्यों में पुराने चेहरे संत टेक सिंह धनौला, सूबा सिंह डबवाली, रजिंदर सिंह मेहता, गुरबचन सिंह करमूवाला, संतोख सिंह समरा, भजन कौर, दयाल सिंह और सुरजीत सिंह लिए गए हैं।
मक्कड़ हैट्रिक बनाने वाले तीसरे प्रधान मक्कड़ हैट्रिक बनाने वाले तीसरे प्रधान बन गए हैं। इससे पहले पूर्व प्रधान स्व. गुरचरण सिंह टोहरा और स्व. मास्टर तारा सिंह हैट्रिक बना चुके हैं। टोहरा के नाम 28 बार प्रधान बनने का रिकॉर्ड दर्ज है।