गुवाहाटी.आदिवासी छात्रों की रैली के दौरान शनिवार को भड़की हिंसा में कम से कम 30 लोगों के मारे जाने की खबर है। प्रशासन ने केवल एक मौत की पुष्टि की है। हालात को नियंत्रित करने के लिए सेना बुला ली गई है।
बेलटोला से निकाली गई रैली में शामिल छात्र दिसपुर में विधानसभा भवन पहुंचकर प्रदर्शन करने वाले थे। उनकी मांग थी कि उन्हें अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किया जाए। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने रैली में शामिल करीब 10 हजार छात्रों को जब रोकने का प्रयास किया तो वे भड़क उठे और एक मजिस्ट्रेट को घायल कर दिया। लाठी और तीर-कमानों से लैस इन छात्रों ने निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस पर स्थानीय लोग भड़क उठे। अपनी संपत्ति का नुकसान होते देख स्थानीय लोग भी भड़क उठे। क्षेत्र में मीडियाकर्मियों के जाने पर भी रोक लगा दी गई है।
अलग-अलग दावे : गृह विभाग के मुख्य सचिव सुभाष दास के मुताबिक घायलों में से एक व्यक्ति की गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में मौत हो गई, जबकि 10 लोगों की हालत गंभीर है। ऑल असम आदिवासी स्टूडेंट एसोसिएशन (एएएएसए) के नेताओं ने दावा किया है कि स्थानीय लोगों ने करीब 20 आदिवासी प्रदर्शनकारियों की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
इस घटना में करीब 230 लोग घायल भी हुए हैं। सभी घायलों को गुवाहाटी के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मेडिकल कॉलेज के एक डाक्टर ने इनमें से 30 की हालत काफी गंभीर बताई है। छात्र संगठन ने इस हिंसा के लिए माफी मांगी है, लेकिन इसके लिए राज्य प्रशासन को भी दोषी ठहराया है। करीब 20 छात्र नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है।