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Personal Finance Personal Finance मुंबई. क्या आप जानते हैं कि विवाह की अंगूठी (वैडिंग रिंग) खोने पर आपको बीमा सुरक्षा मिल सकती है? या वैडिंग गाउन के समय पर नहीं मिल पाने या
विवाह के मौके पर फोटोग्राफर के नहीं आने पर भी आपको इश्योरैंस मिल सकता है? पश्चिमी देशों में इस प्रकार का बीमा आम बात है, लेकिन भारत में अभी इतना लोकप्रिय नहीं हुआ है। कुछ राष्ट्रीयकृत बीमा कंपनियां और निजी कंपनियां ऐसी बीमा सुरक्षा उपलब्ध करा रही हैं।
धार्मिक मान्यताओं के कारण प्रचलन में नहीं
बजाज आलियांज जनरल इंश्योरैंस के हैड अंडरराइटिंग, टी. ए. रामालिंगम कहना है, ‘लोगों में कम जागरूकता के कारण ऐसी योजनाएं अब भी शशवकाल में हैं। दूसरी ओर, धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों के चलते वे नकारात्मक पहलुओं पर बात नहीं करना चाहते हैं। पश्चिमी देशों में बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ने से विवाह बीमा योजनाएं प्रचलन में आ गई हैं। भारत में विवाह बीमा योजना अब भी ऐच्छिक बीमा योजना है। इसमें विवाह से जुड़े कुछ निर्दिष्ट जोखिम कवर होते हैं।’
रामलिंगम के अनुसार भारतीय विवाह में होने वाले खर्च की भारी-भरकम राशि को देखते हुए विवाह योजनाएं बनाने वाले अब बीमा सुरक्षा का औचित्य समझने लगे हैं। बजाज आलियांज के विवाह बीमा उत्पाद में 20 लाख रुपए से लेकर 70 लाख रुपए तक की बीमित राशि के विकल्प दिए गए हैं। इसकी प्रीमियम रेंज 3,770 रुपए से 14,276 रुपए तक है।
विवाह बीमा में कवर होने वाले जोखिम
1. शादी में आगजनी का घटना
2. दूल्हा-दुल्हन या उनके रक्तसंबंधियों से संबंधित कोई दुर्घटना जोखिम
3. गहने, कपड़े या कीमती सामान चोरी होना
4. जायज या निर्दिष्ट कारणों से विवाह रद्द होना
5. प्राकृतिक या आपराधिक या आतंकी हमले के कारण विवाह स्थल को होने वाले नुकसान
6. कुछ खास दुर्घटनाओं जैसे फूड पॉइजनिंग आदि
विवाह अर्थशास्त्र
* भारत का विवाह बाजार 1. 25 लाख करोड़ रुपए का है
* यह सालाना 25 फीसदी की दर से बढ़ रहा है
* तीन-दिवसीय कॉकटेल इवैंट की लागत 1.5 करोड़ हो सकती है
* थीम आधारित विवाह की लागत 2.5 करोड़ रुपए से शुरू होती है
* एक प्रसिद्ध एंटरटेनर एक शाम की पेशकश के एवज में 30 लाख रुपए तक ले सकता है।