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देवगुरु बृहस्पति पहुंचे अपने घर

ग्रह स्थिति. लगभग 11 वर्षो की लंबी यात्रा के पश्चात देवगुरु बृहस्पति पुन: अपने घर यानी धनु राशि में पहुंच गए हैं। इस यात्रा के दौरान इन्होंने मकर, कुंभ, देवगुरु बृहस्पति पहुंचे अपने घरस्वयं की राशि मीन, मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला और अभी पिछले सप्ताह तक वृश्चिक राशि की यात्रा पूरी की। इस दौरान इन्होंने मेष, मिथुन, सिंह, तुला और धनु राशि के जातकों को काफी परेशान किया। अब इन राशि के जातकों को बड़ी राहत मिलने वाली है।

बृहस्पति ग्रहों में सबसे बड़े हैं, इसीलिए इन्हें ‘बृहत्पति’ भी कहा जाता है। ये धनु और मीन राशि के स्वामी होते हैं। कर्क राशि इनकी उच्च राशि की संज्ञा होती है, जबकि मकर राशि में ये नीच के होते हैं। ग्रहों में सूर्य, मंगल और बुध इनके मित्र हैं, जबकि शनि को सम तथा अन्य ग्रहों को ये अपना शत्रु मानते हैं। इनका निवास उत्तर दिशा में होता है। इनका शरीर, नेत्र और केश पिंगल वर्ण है। शरीर भारी और कफ प्रधान है। ये जिस जातक की कुंडली में लग्न में हों, वह विद्वान, प्रिय बोलने वाला, शुद्ध आचरण करने वाला तथा सम्मानित होता है।

ये यज्ञ, धर्म और मंत्र-दीक्षा अथवा ज्ञान के कारक होते हैं। साथ ही पतिसुख, संतान, विद्या, बुद्धि, सुवर्ण, वेद-वेदांत, सिद्धांत संहिता, न्याय, दर्शन और होरा यानी त्रिस्कंध ज्योतिष के भी कारक होते हैं। जन्मकुंडली में इनकी बलवान और शुभ स्थिति इन विषयों में श्रेष्ठता दिलाती है। इनके द्वारा बनाए गए ‘हंसयोग’ से जातक लाखों लोगों के बीच अलग पहचान बना लेता है। शरीर में ये हृदय, पाचनक्रिया, लीवर, कान तथा धनु और मीन राशि के क्षेत्रों में अधिक शुभ प्रभाव दिखाते हैं।

बारह राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव
बृहस्पति अपनी राशि धनु में आ गए हैं। इनके धनु राशि के आगमन से अन्य राशियों के जातकों पर पड़ने वाला असर‍

मेष : बृहस्पति मेष राशि के भाग्य भाव में आ गए हैं। सबसे सुखद समाचार मेष राशि के जातकों के लिए होगा। इनके लिए भाग्यवृद्धि, पदोन्नति, संतानसुख, शिक्षा-प्रतियोगिता में सफलता तथा विदेश यात्रा का अवसर मिलेगा।

वृष : इस राशि के जातकों के लिए कुछ अशुभ समाचार रहेंगे। घरेलू उलझनें पैदा होंगी और कार्यों में बाधा आएगी। इस राशि के जातक कर्ज लेने से बचें तो बेहतर होगा। झगड़े-विवाद और मुकदमेबाजी से भी बचकर रहें।

मिथुन : इस राशि के जातकों को तो वर्ष भर दीपावली मनानी चाहिए। शादी की अड़चनें दूर होंगी, विदेश यात्रा और व्यापार से अच्छा लाभ मिलेगा। मकान-वाहन का सुख मिलेगा तथा रुकावटों के बावजूद कार्य पूरे होंगे।

कर्क : इस राशि वालों को त्रिशत्रुओं (ऋण, रोग व अपयश) से बचना चाहिए। परिवार में बिखराव न आने दें।

सिंह : इस राशि के जातकों को संतानसुख, यश और पदोन्नति मिलेगी। अचल संपत्ति का लाभ तथा समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

कन्या : इस राशि के जातकों के लिए मानहानि, संताप तथा सामान चोरी होने का भय रहेगा। कुछ अशुभ समाचार मिल सकते हैं। अपने ही लोग नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे।

तुला : इस राशि के लोग जैसी कामयाबी चाहें, हासिल कर सकते हैं। गुरु उन्हें वर्ष भर धन, यश और मान दिलाते रहेंगे।

वृश्चिक : इस राशि के जातकों के लिए आकस्मिक धन प्राप्ति के योग हैं। भाग्य में वृद्धि व सुंदर वस्त्राभूषणों की प्राप्ति होगी। वाणी में भी ओजस्विता आएगी।

धनु : इस राशि के जातकों की आय तो सामान्य ही रहेगी, किंतु ज्ञान में वृद्धि होगी। इनके अंदर अहं का भाव जागृत होगा। सावधान रहें। जहां भी जाएंगे, विजयी होंगे।

मकर : इस राशि के जातकों की आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया वाला हिसाब रहेगा। शुभ कार्यो जैसे शादी-विवाह व धार्मिक कार्यो में व्यय होगा।

कुंभ : इस राशि के लिए लाभ भाव के बृहस्पति धन-संपदा, लाभ और वाहन दिलाने में मुख्य भूमिका निभाएंगे। कार्य-व्यापार में आ रही बाधा दूर होगी।

मीन : इस राशि के जातकों के कर्मस्थान में स्वगृही बृहस्पति मिला-जुला फल दिखाएंगे। धन-संग्रह और कार्य विस्तार में आ रही परेशानी दूर होगी। मकान अथवा वाहन खरीदने का सपना पूरा होगा। पिता से सहयोग मिलेगा।

अशुभ फलों से ऐसे बचेंजिन-जिन राशियों के लिए बृहस्पति का राशि परिवर्तन अशुभ है, वे कुछ सामान्य उपाय करके इस दोष से मुक्ति पा सकते हैं, क्योंकि धनु राशि में बृहस्पति 8 दिसंबर, 2008 तक रहेंगे।
1. गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करें। महिला हैं, तो इस दिन व्रत रखें।
2. ऊं बृं बृहस्पतये नम: मंत्र का जाप करें।
3. गुरु पुष्य योग में अनार की जड़ बांह अथवा गले में धारण करें।
4. परिवार के बुजुर्गो का प्रात:काल में आशीर्वाद लें।
5. गुरुवार को माता-पिता को केसरयुक्त मिठाई खिलाएं और पुखराज धारण करें। मांस-मदिरा के सेवन से बचें। न बच पाएं तो गुरुवार को परहेज करें।
6. धार्मिक गं्रथों का दान करें। पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करें। ये सभी उपाय गुरुजन्य दोष शांति के लिए काफी हैं। इनसे लाभ अवश्य मिलेगा।





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