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पानी पर पेशी

जयपुर. शहर में दूषित पेयजल आपूर्ति को लेकर राज्य सरकार के मंत्री और अफसर भले ही पल्ला झाड़ें, लेकिन शनिवार को राज्यपाल शीलेंद्र कुमार सिंह ने राज्यपाल शीलेंद्र कुमार सिंह घटनाओं का कड़ा नोटिस लिया और विभाग के अफसरों को तलब कर लिया। राज्यपाल ने पीएचईडी के अधिकारियों के सामने दूषित पेयजल की आपूर्ति को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि वे पीड़ित परिवारों को मुनासिब मदद दें।

प्रदेश में संभवत: यह पहला ही मौका है, जब किसी ज्वलंत जनसमस्या को लेकर राजभवन ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सीधे तलब कर लिया। महामहिम ने जब सवाल शुरू किए तो अफसरों के पसीने छूट गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए तत्काल समयबद्ध व्यवस्था की जाए। जर्जर तथा सीवेरज टैंकों या मैनहोलों से गुजरने वाली पाइप लाइनों को जल्द ही बदला जाए।

राज्यपाल ने अधिकारियों से आश्वासन चाहा कि वे जयपुर शहर के हर घर को प्रदूषण मुक्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए क्या कदम उठाएंगे और यह काम कितने समय में पूरा हो जाएगा। इस पर पीएचईडी के इंजीनियरों को जवाब नहीं सूझा और वे रटी-रटाई भाषा में जवाब देने लगे। इस पर राज्यपाल ने कहा कि वे ठोस जवाब दें। महामहिम ने अधिकारियों से बजट की स्थिति भी पूछी।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे न केवल लोगों की ओर से आने वाली समस्याओं का समाधान जल्द करें, बल्कि अपने स्तर पर भी स्थिति की समीक्षा करें। राज्यपाल ने निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से जांच करें और दूषित आपूर्ति का पता लगाएं।

राज्यपाल को मुख्य अभियंता मुख्यालय वीडी मीणा ने बताया कि समस्या को जल्द ही दूर कर दिया जाएगा। मुख्य अभियंता वितरण अगम माथुर ने महामहिम को जानकारी दी कि जल वितरण व्यवस्था की नीति में अब परिवर्तन किया जा रहा है। इस व्यवस्था में आधुनिक तकनीक को शामिल किया जा रहा है। इस मौके पर पीएचईडी के स्थानीय अधिकारी भी मौजूद थे।

कुछ भी गलत हुआ तो ‘खबर’ लूंगा
* मैं महलों में बैठकर चाय पीने, गपशप करने और फीता काटने के लिए राज्यपाल नहीं बना हूं। प्रदेश में कुछ भी गलत हुआ तो मैं मंत्री क्या मुख्यमंत्री को भी बुलाऊंगा।
-राज्यपाल एसके सिंह गुरुवार को बीकानेर प्रवास के दौरान





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