HomeNewsMetrosJaipur Jaipur

सीए तो राजस्थानी

जयपुर. सीए अब एमबीए को टक्कर दे रहे हैं। इसमें भी राजस्थानी आगे हैं। हाल ही में हुए कैम्पस प्लेसमेंट में सीए को मिले पैकेज ऑफर इस तथ्य की सीए तो राजस्थानी  पुष्टि कर रहे हैं। इसमें सर्वाधिक ऑफर 8.17 लाख रुपए सालाना और न्यूनतम 3.50 लाख रु. हैं। बीते साल तक सीए का अधिकतम पैकेज 5 लाख रु. सालाना था। यही वजह है कि सीए बनने वाले 87 फीसदी विद्यार्थी जॉब कर रहे हैं। उधर, एमबीए का इस साल का एवरेज पैकेज 80 हजार से 8 लाख रुपए सालाना के करीब ही है।

व्यापारिक गुणों से ओतप्रोत होने के कारण देशभर में राजस्थानी सीए की डिमांड बढ़ने लगी है। इसके चलते प्रदेश में अब नामी औद्योगिक घराने कैम्पस इंटरव्यू के लिए आ रहे हैं। दो-तीन साल पहले तक यहां इक्के-दुक्के कैंपस इंटरव्यू हुआ करते थे, लेकिन अब स्थिति एकदम विपरीत है।

द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की जयपुर ब्रांच में सितम्बर-अक्टूबर, 07 में हुए कैम्पस प्लेसमेंट में सर्वाधिक 8.17 लाख रुपए सालाना का जॉब ऑफर दिया गया। इससे पूर्व फरवरी-मार्च में हुए कैम्पस इंटरव्यू में अधिकतम 6.01 लाख और न्यूनतम 3 लाख का पैकेज ऑफर किया गया था। दुबई की एक कम्पनी ने तो 12 लाख का जॉब ऑफर दिया था।

काम के प्रति अधिक लगन
देश की बड़ी कम्पनियां राजस्थानी सीए को अधिक पसंद कर रही हैं। वे इसका कारण यहां के कल्चर के मुताबिक उनमें अधिक व्यापारिक गुण होना मानती हैं। प्रोवोग इंडिया लिमिटेड, मुंबई के निदेशक राकेश रावत ने करीब 15 दिन पहले ही आईसीएआई से राजस्थानी सीए की मांग की है। रावत का कहना था कि राजस्थानी सीए में काम के प्रति अधिक लगन है।

इंडस्ट्री के रूप में उभरा
प्रदेश सीए इंडस्ट्री के रूप में उभर रहा है। जयपुर इसमें सबसे आगे है। आईसीएआई, जयपुर ब्रांच के अध्यक्ष अनिल खंडेलवाल कहते हैं कि अन्य प्रोफेशनल कोर्स की अपेक्षा सीए कम खर्चीला है। खास बात यह है कि एमबीए के मुकाबले अधिक पैकेज मिलने से युवाओं का रुझान इस ओर तेजी से बढ़ता जा रहा है। सीए अब कंपनियों में बिजनेस पार्टनर की हैसियत रखने लगे हैं। इंस्टीट्यूट भी उनकी कम्युनिकेशन स्किल डवलप कर रहे हैं।

सिनेरियो के मुताबिक पाठ्यक्रम में बदलाव
कभी सीए टैक्स व एकाउंट्स के एक्सपर्ट माने जाते थे। अब उनकी भूमिका बिजनेस पार्टनर व एमबीए के रूप में भी दिखाई देने लगी है। इसे ध्यान में रखते हुए हाल ही में आईसीएआई ने अपने पाठ्यक्रम में फेरबदल किया है। पाठ्यक्रम को नए सिनेरियो के मुताबिक बनाया गया है। इसमें 3.5 वर्ष की प्रै्रक्टिकल ट्रेनिंग के साथ दो कोर्स अनिवार्य है।

न्यूनतम पैकेज भी निर्धारित
संस्थान ने गुणवत्ता बनाए रखने के लिए स्टूडेंट्स का न्यूनतम पैकेज भी निर्धारित कर दिया है। यह 3.50 से 4 लाख रुपए सालाना है। करीब एक महीने पूर्व जयपुर विद्युत वितरण निगम ने आईसीएआई से अपने यहां एकाउंट्स वर्क के लिए सीए की मांग की थी, लेकिन निगम के अल्प पैकेज को देखते हुए संस्थान ने अपने यहां प्लेसमेंट नहीं कराया। जब निगम ने अपने स्तर पर इंटरव्यू किए तो मात्र दो सीए इसमें शामिल हुए। उन्होंने भी इसका कारण होम सिकनेस माना।

अब हर जगह जॉब
सीए को आईटी, एनर्जी, टेलीकॉम व एफएमसीजी भी जॉब ऑफर दे रहे हैं। सितंबर-अक्टूबर में 12 कंपनियों ने जयपुर में 78 छात्रों के कैम्पस इंटरव्यू लिए। 40 का चयन हुआ। सर्वाधिक पैकेज आईटीसी ने जयपुर के महेश गोयल को दिया। लड़कियों में जयपुर की इंदुबाला मूंदड़ा और माया काबरा ने बाजी मारी। दोनों को वेदांता कंपनी ने 6-6 लाख रुपए सालाना का ऑफर दिया।

सीए बनाम एमबीए
एमबीए का प्राइवेटाइजेशन हो जाने के बाद गिने-चुने बड़े इंस्टीट्यूट के एमबीए स्टूडेंट्स को ही बड़े पैकेज मिल रहे हैं। उधर, अखिल भारतीय स्तर पर एक ही सीए इंस्टीट्यूट होने से विद्यार्थी छनकर आते हैं। कोटा की सीए रजनी मित्तल कहती हैं कि दो साल पहले 4-5 लाख सालाना तक के ही ऑफर मिल रहे थे। अब तो यह आंकड़ा 9-10 लाख तक पहुंच गया है। वे इसका कारण शेयर मार्केट की बढ़ती मांग को मानती हैं। जयपुर की सीए पारुल जैन का मानना है कि सीए में क्वालिटी वर्कफोर्स मिलने से पूरे देश में एक ही तरह की परीक्षा होती है, जबकि एमबीए परीक्षा छोटे-छोटे लेवल पर भी ली जा रही है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: