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आसमान पर दुनिया

अमेरिका, यूरोप और एशिया के आइकॉन बने स्काइलाइन अब हर मेट्रो सिटी की जरूरत बन गए हैं। बढ़ती आबादी, सिकुड़ती दुनिया और ट्रैफिक के बढ़ते दबाव ने हर किसी को अपने आशियाने और कार्यस्थल के बारे में सोचने को मजबूर कर दिया है।

यह आज के दौर की ऐसी समस्या है जो आने वाले वर्षो में और विकराल हो सकती है। इससे निजात दिलाने के लिए विश्व के कई बड़े शहरों में स्काइलाइन तैयार किए गए हैं।

स्काइलाइन यानी आवास, ऑफिस, बिजनेस सेंटर, शॉपिंग और सुख-सुविधाओं की जरूरतों की एक ही स्थान पर उपलब्धता।

स्काइलाइन शहर के सबसे खूबसूरत इलाकों जैसे- समुद्र के किनारों या पहाड़ी इलाकों में बनाए जाते हैं। इमारत के अंदर घर सहित एक आम व्यक्ति की जरूरत की सारी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। इनमें स्कूल, अस्पताल, पार्क, स्वीमिंग पूल, नाइट क्लब और शॉपिंग मॉल जैसी सारी जरूरतों को ध्यान में रखा जाता है। कुछ स्काइलाइन में तो लोगों को ऑफिस जाने के लिए इमारत की छत पर हेलीपैड की भी सुविधा होती है ताकि ऑफिस पहुंचने में इमारत की ऊंचाई और शहर की व्यस्त ट्रैफिक व्यवस्था बाधक न बने।

स्काइलाइन की ऊंचाई एयरट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए तय की जाती है। ज्यादातर स्काइलाइन 200 मीटर तक ऊंचे हैं, लेकिन दुबई में 2009 तक बनकर तैयार होने वाले स्काइलाइन की ऊंचाई 705 से 950 मीटर तक होगी। गगन छूती बिल्डिंगों के समूह स्काइलाइन में आमतौर पर 7 से लेकर 47 इमारतें होती हैं। इसमें सभी इमारतों की ऊंचाई एक सी नहीं होती। स्काइलाइन के समूह में से कुछ में सिर्फ शॉपिंग मॉल होते हैं तो कुछ में सिर्फ ऑफिस, इसलिए लोगों की सुविधा के लिए कई स्काइलाइन आपस में जुड़े होते हैं। विश्व के प्रमुख स्काइलाइन पर नजर..

दुबई में बनेगा सबसे बड़ा स्काइलाइन रेगिस्तान के बीचोंबीच बसे दुबई में आधुनिक वास्तुशास्त्र के उत्कृष्ट नमूने देखने को मिलते हैं। यहां विश्व के ऊंचे होटल तथा घर तो पहले से ही थे, लेकिन आने वाले वर्षो में यहां का स्काइलाइन शायद विश्व का सबसे बड़ा होगा।

2010 तक भारत भी होगा शामिल आने वाले दो-तीन वर्षो में भारत भी स्काइलाइन की सूची में शामिल हो सकता है। मुंबई के कोस्टल एरिया में भी स्काइस्क्रैपर बनाए जा रहे हैं यह 2010 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। इनकी ऊंचाई 301 मीटर होगी तथा इसमें 60 मंजिलें होंगी।

इसमें रेस्तरां, कैफे, लक्जीरियस रिटेल स्टोर, फिटनेस क्लब, स्वीमिंग पूल, स्कूल, हॉस्पिटल तथा नाइट क्लब होगा। इसे डिजाइन करते समय इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि 301 मीटर की ऊंचाई से भी लोग मुंबई का खूबसूरत नजारा देख सकें ।

हांगकांग सबसे ऊंचा और खूबसूरत हांगकांग के स्काइलाइन को कई कारणों से दुनिया का सबसे ऊंचा और खूबसूरत माना जाता है। एक बहुत बड़े एरिया में 43 स्काइलाइंन का एक समूह बनाया गया है, जहां हर इमारत की ऊंचाई 200 मीटर है। इसमें से 4 दुनिया की 15 सबसे ऊंची इमारतों में शामिल हैं। ये इमारतें रात के समय अपनी चकाचौंध से मनमोहक नजारा पेश करती हैं। व्यक्ति के जरूरत की हर सुविधा का इस स्काइलाइन में खास ध्यान रखा गया है।

मलेशिया 25 बड़ी इमारतों में से एक कुआलालंपुर का स्काइलाइन विश्व की 25 सबसे बड़ी इमारतों में से एक है। इस टॉवर की ऊंचाई 420 मी. है।

सिंगापुर वास्तुशास्त्र का नमूना बेहतर ढंग से प्लान की गई दुनिया की चुनिंदा मेट्रोपॉलिटन सिटीज में से सिंगापुर एक हैं। यहां के स्काइलाइन वास्तुशास्त्र के अद्भुत नमूने हैं। एयर ट्रैफिक कंट्रोल के कारण स्काइलाइन की ऊंचाई 280 मीटर तक ही है।

शिकागो स्काइलाइन का बर्थ प्लेस मॉडर्न स्काइलाइन की अवधारणा का शिकागो बर्थ प्लेस माना जाता है। 1985 में पहली बार शिकागो में ही सबसे ऊंची इमारत बनाई गई थी। इसके बाद ही दुनिया के अन्य देशों में ऊंची इमारतों का निर्माण हुआ। यहां 19 स्काइलाइन हैं जिनकी ऊंचाई 200 मीटर के आसपास है। इन स्काइलाइन में से 3 की गिनती विश्व की 20 ऊंची इमारतों में की जाती है।

टोक्यो रंग बदलती दुनिया इस शहर में कई स्काइलाइन हैं। यहां के स्काइलाइंस की खासियत यह है कि इनका रंग हर रात बदल जाता है। रात के अंधेरे में रोशनी में नहाए स्काइलाइन का नजारा अद्भुत लगता है।

शंघाई स्पेस स्टेशन जैसा लुक यहां के स्काइलाइन को आप स्पेस स्टेशन समझने की गलती कर सकते हैं। शंघाई के गगनचुंबी स्काइलाइंस भी मॉडर्न आर्किटेक्ट के बेहतर नमूने हैं। समुद्र के किनारे होने के कारण इनकी खूबसूरती देखते ही बनती है। यहां 28 स्काइलाइंस हैं, जिनमें से ज्यादातर की ऊंचाई 200 मीटर के आसपास है। दो इमारतों की ऊंचाई 400 मीटर से भी ज्यादा है। चीन के शैनजेन में 18 स्काइलाइन हैं।

न्यूयॉर्क खास बनावट न्यूयॉर्क के स्काइलाइन अपनी खास बनावट के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। यहां 47 स्काइलाइन हैं जिनकी ऊंचाई 200 मीटर है। इसमें से दो इमारतें इम्पायर स्टेट बिल्डिंग तथा स्टैच्यु ऑफ लिबर्टी 1930 के लगभग बनी थीं। यहां के स्काइलाइन के महत्वपूर्ण केंद्र वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को 2001 में अलकायदा ने हवाई हमले में धराशायी कर दिया था। यूएसए के सीटल में चार स्काइलाइन हैं जो कि स्पेस नीडल के शेप में हैं।

टोरंटो विश्व का सबसे ऊंचा टॉवर इस शहर में 7 स्काइलाइन हैं। जिनकी ऊंचाई 200 मीटर के लगभग है, लेकिन यहां के सीएन टॉवर को फिलहाल विश्व की सबसे ऊंची बिल्डिंग होने का गौरव प्राप्त है। इसकी ऊंचाई 553 मीटर है।





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yash gupta
Thursday, 6th Dec 2007, 16:12
very good news