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International International कैनबरा.ऑस्ट्रेलिया के मतदाताओं ने जॉन हॉवर्ड के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को 11 साल बाद सत्ता से बाहर कर लेबर पार्टी भारी बहुमत से मौका दिया है। लेबर पार्टी के नेता और भावी प्रधामंत्री केविन रूड ने देश की कई नीतियों में बदलाव का एलान किया है। लेबर पार्टी की जीत से भारत के साथ परमाणु संधि का मुद्दा भी खतरे में पड़ सकता है, क्योंकि रूड ने अपनी चुनावी सभाओं में संधि को रद्द करने का वादा किया था। हॉवर्ड ने टीवी पर राष्ट्र के नाम संदेश में रूड को जीत की बधाई देते हुए अपनी पार्टी की पराजय भी स्वीकार की।
रूड ने देशवासियों से इतिहास का नया पन्ना लिखने के लिए तैयार रहने को कहा। अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के करीबी सहयोगी रहे जॉन हॉवर्ड देश में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले दूसरे नेता हैं। वे आस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री रहते हुए चुनाव हारने वाले दूसरे नेता भी हैं।
रूड के प्रमुख चुनावी वादे>> भारत से हुआ परमाणु समझौता तोड़ेंगे
>> इराक से आस्ट्रेलियाई सेना वापस बुलाएंगे>> जलवायु परिवर्तन पर क्योटो प्रोटोकॉल पर दस्तखत करेंगे>> कंजरवेटिव सरकार के बनाए कड़े श्रम कानून को बदलेंगे
भारत पर असर :
लेबर पार्टी के नेता केविन रूड ने चुनाव सभाओं में ही एलान कर दिया था कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो भारत को यूरेनियम बेचने संबंधी समझौता रद्द कर दिया जाएगा। जॉन हॉवर्ड ने भारत के साथ इस समझौते को दोनों देशों के लिए आर्थिक और सामरिक महत्व का बताया था। रूड के अनुसार, भारत ने परमाणु आप्रसार संधि (एनपीटी) पर दस्तखत नहीं किए हैं, इसलिए वे सिद्धांत रूप से इसके खिलाफ हैं।