नई दिल्ली. भारतीय फैशन डिजाइन उद्योग तेजी से अपने पैर पसारता जा रहा है। एक अध्ययन के मुताबिक इसके अगले पांच साल में तीन गुना तक हो जाने का
अनुमान है। उद्योग परिसंघ एसोचैम के ‘भारतीय फैशन उद्योग’ नामक अध्ययन में कहा गया है कि भारतीय कंपनियां फैशन उद्योग में भारी निवेश कर रही हैं और उपभोक्ता डिजाइनर वियर खूब पसंद कर रहे हैं। इसकी वजह से भारतीय फैशन उद्योग के वर्ष 2012 तक 750 करोड़ रुपए तक हो जाने का अनुमान है। वर्तमान में यह कारोबार 250 करोड़ रुपए का है।
वैश्विक हिस्सेदारी बहुत कम : अध्ययन के अनुसार फिलहाल भारतीय फैशन उद्योग की वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी महज 0.2 फीसदी है। इस समय डिजाइनर वियर का वैश्विक बाजार 1,62,900 करोड़ रुपए का है और यह 9.5 फीसदी सालाना दर से बढ़ रहा है।
* सरकार को देश में और अधिक फैशन संस्थान खोलने चाहिए। प्रत्येक राज्य में एक शोध व विकास इकाई की स्थापना की जानी चाहिए ताकि उस क्षेत्र के कौशल को सामने लाया जा सके।’
—वेणुगोपाल धूत, अध्यक्ष, एसोचैम