Vaama
Relationships Relationships कहा जाता है कि स्त्रियां उत्तरी ध्रुव हैं तो पुरुष दक्षिणी। दोनों में ढेर सारी असामानताएं पाई जाती हैं। दोनों की आदतें, जीवन मूल्य तथा प्राथमिकताएं अलग-अलग होती हैं।
वैज्ञानिकों का भी कहना है कि मस्तिष्क की बनावट में अंतर होने के कारण ही कई व्यवहार संबंधी अंतर होते हैं।
महिलाएं अपने मस्तिष्क के दाहिने और बाएं गोलार्ध से ज्यादा पारस्परिक क्रिया करती हैं जिसके कारण उनमें बातें करने की योग्यता ज्यादा होती है। दूसरी तरफ पुरुषों में मस्तिष्क गोलार्ध के बड़े होने से वे तर्क करने के कौशल में माहिर होते हैं।
* पुरुषों को तेज आवाज, गर्मजोशी से हाथ मिलाना तथा लाल रंग पसंद हैं। वे टेक्निकल समस्याएं जल्दी सुलझा लेते हैं, वहीं महिलाओं के कान बहुत तेज होते हैं। वे बोलते समय ज्यादा शब्दों का इस्तेमाल करती हैं तथा स्वतंत्र रूप से जल्दी कार्य का संपादन करती हैं।
* पुरुष किसी भी स्थिति को वृहद स्तर पर सोचते हैं, जबकि महिलाएं छोटे स्तर पर सोचती हैं।
* महिलाएं महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करती हैं तथा उस जानकारी को दूसरी पीढ़ी को बताती हैं।
* पुरुष बिल्डर और क्रियेटर होते हैं। वे रिस्क लेते हैं तथा नए-नए प्रयोग करते हैं।
* पुरुष विचारों के मामले में स्वतंत्र होते हैं, जबकि महिलाएं दूसरों के विचारों का अनुसरण करती हैं।
* महिलाओं और पुरुषों की संतुष्टि का स्रोत भी अलग-अलग होता है। पुरुष जहां अपने कैरियर तथा लोकप्रियता से संतुष्ट रहते हैं, वहीं महिलाएं पारिवारिक मूल्यों तथा बच्चों के साथ संतुष्ट रहती हैं।
* पुरुष महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा बीमार होते हैं, क्योंकि महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा जागरूक होती हैं। दूसरी बात यह भी है कि पुरष बीमारी में महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा सहनशीलता रखते हैं और समय पर दवा लेना भी उनकी आदत में होता है।
* महिलाएं उबाऊ काम पुरुषों से बेहतर ढंग से करती हैं तथा उनमें दर्द बर्दाश्त करने की क्षमता भी ज्यादा होती है।