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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. जिला प्रशासन द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर राज्य शासन ने प्रारंभिक तौर पर संभाग की पांच तहसीलों को सूखाग्रस्त माना है। इनमें जिले की पेंड्रारोड और मरवाही तहसील और कोरिया जिले की मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर, सोनहत तहसील शामिल हैं।
जिला प्रशासन द्वारा किए गए नजरी आंकलन के अनुसार पेंड्रारोड और मरवाही ब्लाक में इस साल फसल का औसत 37 प्रतिशत से कम है। दोनों विकासखंडों के अधिकांश गांवों में फसल कम होने से किसानों के सामने जीवन यापन की समस्या होने के आसार हैं।
जिला प्रशासन ने नजरी आंकलन के आधार पर नवंबर के पहले सप्ताह में ही शासन को रिपोर्ट भेज दी थी। आनावारी रिपोर्ट मिलने के बाद अधिकृत तौर पर फसल की वास्तविक स्थिति जानकारी मिल जाएगी। मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर और सोनहत तहसील की भी यही स्थिति है।
आनावारी रिपोर्ट मिलते ही पांचों तहसीलों को औपचारिक तौर पर सूखाग्रस्त घोषित कर राहत कार्य शुरू कराए जाएंगे। इसके पहले क्षेत्र में लोगों को काम दिलाने के लिए प्रशासन ने पेंड्रा की 33 और मरवाही की 66 पंचायतों में रोजगार गारंटी योजना के तहत लगभग सात करोड़ रुपए के काम शुरू कर दिए हैं।
कलेक्टर सुबोध सिंह ने बताया कि दोनों ब्लाकों के लोगों को पलायन से रोकने के लिए रोजगार गारंटी योजना के तहत काम शुरू किए गए हैं। इससे उन्हें कम से कम सौ दिन का रोजगार मिलना तय हो गया है। फसल कटाई के बाद आनावारी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी।
इसके बाद क्षेत्र के सूखाग्रस्त घोषित होते ही यहां पर प्रावधान के अनुसार और राहत कार्य शुरू कराए जाएंगे, ताकि लोगों को बाहर जाकर काम तलाशने की जरूरत न पड़े। सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित होने के बाद यहां पर किसानों को फसल बीमा योजना के तहत फसल की क्षतिपूर्ति की जाएगी। साथ ही भूराजस्व की वसूली रोकने के साथ ही गर्मी की छुट्टियों में भी मध्याह्न् भोजन योजना चलाई जाएगी।