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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. बैंकों में जनता के लाखों रुपए रखे होते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कुछ बड़े बैंकों को छोड़ दें तो बाकी बैंकों में न तो क्लोज सर्किट कैमरे हैं और न ही अलार्म सिस्टम है।
बैंकों, शासकीय कार्यालयों में लूट व डकैती की बढ़ रही घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। दैनिक भास्कर ने जब शहर के बैंकों में जाकर देखा तो वहां सुरक्षा में कई तरह की खामियां नजर आईं। बैंकों में प्रतिदिन के लेन-देन से लाखों रुपए आते हैं। कई बड़े बैंकों की मुख्य शाखा की बात करें तो वहां रात में एक करोड़ से अधिक रकम रखी जाती है।
हालांकि प्रबंधन सुरक्षा व्यवस्था को पर्याप्त बताकर जनता को आश्वस्त करना चाहती है, लेकिन सच्चई कुछ और ही है। जनता के रुपयों की सुरक्षा के लिए बैंकों में या तो सशस्त्र गार्ड नहीं है, अन्यथा प्राइवेट सिक्यूरिटी कंपनियों से गार्ड की व्यवस्था की गई है। दिन में तो बैंकों में गार्ड मौजूद रहते हैं, लेकिन रात में गार्ड तैनात नहीं किए जाते।
शहर में 30 से अधिक बैंक हैं, जिनमें दर्जनभर बैंक ऐसे हैं, जहां 50 लाख रुपए से अधिक का लेन-देन रोज होता है। शाम को रकम मेन ब्रांच में जमा कर दी जाती है। छोटे बैंकों की रकम स्ट्रांग रूम के अंदर तिजोरी में रख दी जाती है। देर रात ताला तोड़कर लुटेरे या डकैत आसानी से बैंक के अंदर घुस सकते हैं। इसके बाद अलार्म सिस्टम या कैमरों को निष्क्रिय करना लुटेरों के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं होगा।
मेन पोस्ट आफिस में 31 लाख की लूट के बाद जागी पुलिस ने शनिवार को शहर के बैंक अधिकारियों की मीटिंग ली। इसमें जो बड़ी खामी सामने आई वह रात में गार्ड न होने की है। बैंक अधिकारियों का इसमें दो टूक कहना है कि उन्हें उच्च प्रबंधन द्वारा 24 घंटे गार्ड की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। कार्यालयीन समय के दौरान ही बैंकों में गार्ड रहते हैं, जबकि रात में यहां गार्ड ही नहीं रहते।
क्या-क्या जरूरी :
- 24 घंटे सशस्त्र गार्ड
- सेंसर लगे होने चाहिए
- सीसीटीवी व क्लोज सर्किट कैमरे होने चाहिए
- बैंक में संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जानी चाहिए
- मैटल डिटेक्टर होने चाहिए
क्या कहते हैं बैंक के अधिकारी :
बैंक में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 5 सशस्त्र गार्ड तैनात हैं। इसके अलावा हॉल में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जो सभी कोनों को कवर करता है। स्ट्रांग रूम को भी मजबूत बनाया गया है। इसमें किसी तरह की छेड़खानी होने पर तत्काल अलार्म बजने लगता है।
-श्रीनिवास राघवन, मैनेजर स्टेट बैंक आफ इंडिया मेन ब्रांच
स्ट्रॉंग रूम में डबल लॉक सिस्टम के अलावा सशस्त्र गार्ड की व्यवस्था है। बैंक में रात में गार्ड की व्यवस्था नहीं है।
-सुरेंद्र चावड़ा, मैनेजर पंजाब नेशनल बैंक