|
News
Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने विगत दो वर्षो में साडा (विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण) द्वारा एक भी नया प्रोजेक्ट तैयार कर बोर्ड में नहीं भेजने पर नाराजगी जाहिर की है।
भले ही साडा काउंटर मेग्नेट सिटी के लिए एनसीआर (नेशनल कैपिटल रीजन) प्लानिंग बोर्ड से मिले ऋण की समय पर किस्तें अदा करने व चालू योजनाओं का क्रियान्वयन तेज गति से करने के मामले में देश की सभी काउंटर मेग्नेट सिटी में अग्रणी है लेकिन नए प्रोजेक्ट तैयार करने में पिछड़ गया है।
बीते सप्ताह दिल्ली में हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में केन्द्रीय आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव वी रामचन्द्रन व एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के सदस्य सचिव पी सुधाकर ने ग्वालियर काउंटर मेग्नेट सिटी की समीक्षा की।
सूत्रों के अनुसार, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अधिकारियों ने विगत दो वर्षो में साडा द्वारा एक भी नया प्रोजेक्ट नहीं भेजे जाने पर नाराजगी जाहिर की और मेग्नेट सिटी का दर्जा खत्म करने तक की बात कही। साडा अधिकारियों ने उन्हें बताया मध्यप्रदेश के आवास एवं पर्यावरण विभाग की प्रोजेक्ट सेंक्शन कमेटी ने 235 करोड़ रुपए के साडा के प्रोजेक्ट स्वीकृत कर दिए हैं और यह प्रोजेक्ट एनसीआर प्लानिंग बोर्ड में भेजे जा रहे हैं।
इसके अलावा अधिकारियों ने 18.18 करोड़ रुपए का सीवर का प्रोजेक्ट तत्काल ही अधिकारियों को सौंप दिया। अधिकारियों ने इस पर भी आपत्ति जताई कि इतनी महत्वपूर्ण बैठक में राज्य शासन ने किसी सीनियर अफसर को नहीं भेजा।
स्पेशल पैकेज की मांग
दिल्ली बैठक में भाग लेने गए साडा के अधिकारियों ने ग्वालियर की काउंटर मेग्नेट सिटी के लिए स्पेशल पैकेज की मांग की। साडा ने कहा कि मेरठ व अन्य शहर की काउंटर मेग्नेट सिटी मुख्य शहर से लगी हुई है जबकि ग्वालियर की काउंटर मेग्नेट सिटी मुख्य शहर से दूर है और जमीन भी ऊबड़-खाबड़ है, इसलिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को स्पेशल पैकेज या विशेष छूट देनी चाहिए।