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जयपुर. हज यात्रा पर जा रहे रिश्तेदार को छोड़ने जयपुर आए दिल्ली के एक व्यापारी को कुछ युवक पुलिस वाले बनकर एयरपोर्ट के बाहर से गाड़ी में अगवा कर ले गए। बाद में उन्हें पता चला कि वे गलत आदमी को उठा लाए तो व्यापारी से मारपीट कर आठ हजार रुपए छीन लिए और सांगानेर पुलिया के पास उतारकर फरार हो गए।
पुलिस ने बताया कि जयपुर में मोती डूंगरी रोड निवासी मुनव्वर अली को रविवार को हज पर जाना था। उनसे मिलने दिल्ली से अख्तर अली (40) शनिवार को जयपुर आया था। रविवार सुबह साढ़े आठ बजे मुनव्वर, अख्तर व उनके परिजन सांगानेर एयरपोर्ट पहुंचे। इसी दौरान चार युवक अख्तर के पास आए और खुद को पुलिस वाले बताकर जिप्सी में बैठे साहब के पास चलने को कहा। अख्तर जब गाड़ी के पास गया तो युवक उसे जबरन गाड़ी में डालकर टोंक रोड की तरफ ले गए और गाड़ी में ही मारपीट करने लगे। वे अख्तर से किशनगढ़ के एक व्यापारी का पता पूछ रहे थे।
जब अख्तर ने बताया कि वह तो दिल्ली का रहने वाला है किशनगढ़ को जानता ही नहीं तो युवक उससे नकदी छीनकर सांगानेर पुलिया के पास उतारकर फरार हो गए। इसी बीच पीड़ित परिवार ने थाने में रिपोर्ट लिखवाई, लेकिन अख्तर के सकुशल आ जाने पर पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। अख्तर के शरीर पर चोट के निशान हैं। वह दिल्ली में प्रोपर्टी का व्यवसाय करता है।
अख्तर के परिजनों को फोन कर सांगानेर थाने बुला रहे थे: जिप्सी में सवार युवकों ने करीब 9 बजे अख्तर के परिजनों को उसके मोबाइल से ही फोन किया। उन्होंने खुद को पुलिस वाले बताकर पूछताछ के लिए सांगानेर पुलिया के पास थाने आने की बात कही। जब अख्तर के परिवार वाले थाने पहुंचे तो पता चला कि पुलिस ने तो किसी भी व्यक्ति को नहीं पकड़ा है। इधर थाने पहुंचे लोगों की बात सुन पुलिस भी उलझन में पड़ गई। इस दौरान आरोपियों ने अख्तर के परिजनों को करीब छह बार फोन कर थाने बुलाया। जब परिजनों ने कहा कि वे थाने पर ही हैं तो उन्होंने दस मिनट में अख्तर के आने की बात कहकर फोन काट दिया।
किसी और का अपहरण करने के लिए आए थे: पुलिस का मानना है कि जिप्सी में सवार युवक किसी अन्य का अपहरण करने आए थे, लेकिन गलतफहमी में वे दिल्ली निवासी अख्तर अली को उठा ले गए। अब पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि हज गए लोगों में कोई किशनगढ़ का भी रहने वाला है क्या ?
* अपहृत युवक ने बताया कि कुछ लोग उसे एयरपोर्ट के बाहर से ले गए, जबकि वहां काफी लोग थे तथा पुलिस जाप्ता भी रहता है। युवक यह भी नहीं बता पाया कि उसे कहां ले जाया गया था। आरोपी के मोबाइल लोकेशन के आधार पर पता लगाया जा रहा है कि मामले में कितनी सचाई है।
- राजेन्द्र ओझा, थाना प्रभारी, सांगानेर