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भोपाल. विधानसभा का बारह दिवसीय शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरु हो रहा है। इस सत्र की खासियत चार साल पुरानी भाजपा सरकार के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा पेश किया जाने वाला अविश्वास प्रस्ताव है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जमुना देवी के मुताबिक मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान समेत मंत्रिमंडल के अनेक सदस्यों के भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर केंद्रीत यह अविश्वास प्रस्ताव 27 नवंबर को पेश किया जाएगा।
सत्र के दौरान उठने वाले मुद्दों की जानकारी देने के लिए बुलाई गई पत्रकार वार्ता में जमुना देवी ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दों पर चर्चा के लिए कांग्रेस विधायकों की आपात बैठक बुलाई है। उन्होने कहा कि प्रदेश के बुंदेलखंड, बघेलखंड और ग्वालियर चंबल संभाग में सूखे की विकराल स्थिति से त्राहि त्राहि मची हुई है।
विस सत्र में आक्रमक रहेगी भाजपा :
विस के सोमवार से शुरू हो रहे सत्र में कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव से सियासी गरामाहट बढ़ने वाली है। जवाबी कार्रवाई में भाजपा ने लोकायुक्त व आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो के कांग्रेसियों से जुड़े प्रकरणों के साथ ही पीएचई, पंचायत, बिजली और सड़क जैसे मामले में कांग्रेस नेताओं के कामकाजों को सदन में रखने की तैयारी की है। अब सरकार के साथ संगठन ने भी आक्रामक रुख अख्तियार करने का निर्णय किया है।