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बीकानेर. भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (सीटू) के राज्य महासचिव का. रवीन्द्र शुक्ला ने कहा कि पूंजीवादी सरकारों के शासन में मजदूर वर्ग के अस्तित्व पर
संकट मंडरा रहा है। मजदूरों ने कुर्बानी के बल पर जो अधिकार प्राप्त किए थे उन सब अधिकारों को पूंजीवादी केन्द्र व राज्य सरकार वापस लेने की कार्यवाही कर रही है।
शुक्ला रविवार को टाउन हॉल में आयोजित भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (सीटू) के 12वें जिला सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार नई पेंशन नीति के नाम पर श्रमिकों को पेंशन से वंचित करना चाहती है। जीपीएफ ब्याज की दरें तो बैंकों से भी कम कर दी गई हैं। श्रम कानूनों में बदलाव कर सभी सरकारी विभागों उपक्रमों व संस्थानों में ठेका प्रथा निजीकरण लागू कर दिया गया है।
पूर्णानंद व्यास ने मजदूर एकता को मजबूत करने की बात कही। एटक के जिला महामंत्री रामेश्वर शर्मा, का. लालचंद भादू, जनवादी नौ-जवान सभा की का. सीमा जैन, नागरिक मंच के मुश्ताक भाटी, एसएफआई के रामगोपाल बिश्नोई, दव प्रतिनिधि अंजनी कुम्हार, जनवादी लेखक संघ के नरेन्द्र शर्मा आदि ने सम्मेलन में विचार प्रकट किए। अजीज भाटी ने सम्मेलन में रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसे सर्व सम्मति से पारित किया गया।
इस मौके पर राज्य कर्मचारियों को सुविधाएं देने, नई आर्थिक नीतियों के खिलाफ, रोडवेज के निजीकरण के खिलाफ, महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ तथा सरकारी विभागा ेंमें रिक्त पदों को भरने संबंधी कई प्रस्ताव पारित किए गए।
पूर्णानंद संरक्षक, पुखसिंह अध्यक्ष
भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (सीटू) के सम्मेलन में रविवार को नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। पूर्णानंद व्यास संरक्षक, पुखसिंह अध्यक्ष, अजीज भाटी महामंत्री, प्रेमसिंह कोषाध्यक्ष सहित तीन उपाध्यक्ष, दो सचिव तथा 15 सदस्य बनाए गए हैं।