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अमृतसर.
‘भारत की रोलर हॉकी हमसे कहीं ज्यादा स्ट्रांग है। अगर उसके साथ खेलने के अधिक अवसर मिलें तो हमारी रोलर हॉकी में सुधार आना स्वभाविक है। अफसोस यह है कि भारतीय टीम के साथ एशियन चैंपियनशिप में ही सामना हो पाता है।’ यह बात पाकिस्तान से रोलर स्केटिंग की टीम लेकर आए पाकिस्तान फेडरेशन ऑफ रोलर स्पोर्ट्स के प्रधान खालिद सईद ने कही।
वह रविवार को अटारी बार्डर के रास्ते भारत पहुंचने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। भारत पहुंचने पर मास्टर एकेडमी ऑफ रोलर स्केटिंग की ओर से उनका स्वागत किया गया।
पाकिस्तान फेडरेशन ऑफ रोलर स्पोर्ट्स के बैनर तले भारत पहुंची यह 13 सदस्यीय टीम कोलकाता में 29 नवंबर से 2 दिसंबर तक होने वाली 12वीं एशियन हॉकी रोलर चैंपियनशिप में भाग लेगी। सईद टीम लीडर और कोच हैं, जबकि मसूद ए नकवी असिस्टेंट मैनेजर बन कर जा रहे हैं। यह टीम शाम को ट्रेन हाबड़ा के जरिए कोलकाता के लिए रवाना हुई।
रवानगी से पहले सईद ने रोलर हॉकी को उत्साहित करने संबंधी कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत हो या पाकिस्तान, हॉकी दोनों देशों का प्राचीन खेल रही है। रोलर हॉकी इसका आधुनिक रूप है। इसलिए दोनों देशों की सरकारों एवं संबंधित
एसोसिएशनों को इसे उत्साहित करने की कोशिश करते रहना चाहिए।उन्होंने बताया कि गत 11वीं एशियन रोलर हॉकी चैंपियनशिप कोरिया में हुई थी। भारतीय टीम ने उसमें थर्ड, जबकि उन्होंने पांचवां स्थान हासिल किया था। तब के बाद आज तक उन्हें भारतीय खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका नहीं मिला। समय-समय पर ऐसी प्रतियोगिताएं होनी चाहिए, ताकि दोनों देशों के खिलाड़ी आपस में खेल सकें। सईद ने बताया कि गत वर्ष हुई चैंपियनशिप में उनकी टीम में स्टेमिना की कमी दिखी थी।
इस बार उन्होंने पहले से अधिक मेहनत करके उसे कवर कर लिया है। कोई न कोई पोजीशन आने की पूरी उम्मीद है, लेकिन वहां पर कड़ा मुकाबला रहता है। साउथ कोरिया और चाइना जैसी टीमें भी उनसे अधिक स्ट्रांग हैं। टीम के सभी सदस्यों ने रणजीत एवेन्यू स्थित महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा का अवलोकन भी किया। पाकिस्तान टीम का स्वागत करने वालों में मास्टर एकेडमी के डायरेक्टर जसपाल सिंह, कुलवंत सिंह, शशि भूषण, अविनाश महाजन, डा. मोहन सिंह, कोच संदीप मेहरा, समृति भूषण, संजोली शर्मा, विजय कुमार आदि शामिल थे।