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जालंधर
पत्रकारिता में स्टूडैंट्स का भविष्य सुरक्षित है। ऐसा कभी नहीं हुआ और न होगा कि मीडिया के भविष्य पर संकट के बादल छाए हों। यह कहना है माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता डिपार्टमेंट के हैड पुष्पेंद्र पाल सिंह का। यहां पंजाब कला साहित्य अकादमी अवार्ड वितरण समारोह में विशेष अकादमी अवार्ड सम्मानित होने पर रिपोर्टर ने उनसे पूछे पांच सवाल
इलैक्ट्रॉनिक्स मीडिया के स्टिंग ऑपरेशन उद्देश्य से भटकाव पर प्रतिक्रिया?
ये तो बाजार, विज्ञापन व खुद पब्लिक की मांग है, जो इलैक्ट्रानिक्स व प्रिंट मीडिया का विस्तार होने का प्रतीक है।
मीडिया पर अंकुश लगाने के लिए सरकार का कानून बनाना कितना सही?
मीडिया लोकतंत्र का चौथा सतंभ है, अगर सरकार का दखल यहां भी आ गया तो अंधेर नगरी चौपट राजा होने से कभी नहीं रोका जा सकता।
क्या भूतिया नाटकों, झूठे स्टिंग आपरेशन को सही मानते हैं?
उद्देश्य से भटकाव तो तय है। मीडिया को इक्ट्ठे होकर खुद अपनी दिशा व दशा तय करनी होगी।
पत्रकारिता के क्षेत्र में भविष्य क्या है?
भविष्य के लिए सिस्टम क ो गालिया निकालने की बजाए बदलाव के लिए स्टूडैंट्स व टीचर्स दोनों को खुद बदलना होगा।
साहित्य में पंजाब के योगदान को कहां देखते हैं?
सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विश्व भर के साहित्य में पंजाब का अहम योगदान है। पंजाब आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।