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Indians Abroad Indians Abroad लंदन. यदि आप ब्रिटेन में गणित, परमाणु भौतिकी या जैव-रसायन जैसे विषय पढ़ने के लिए आते हैं तो आपको सख्त जांच से गुजरना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां भारत उन दस देशों में शामिल है, जिनके छात्रों को ‘संदिग्ध’ की सूची में रखा गया है।
ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने भारत, पाकिस्तान, ईरान और इराक सहित दस देशों के छात्रों की सूची और अन्य जानकारियां शिक्षा संस्थानों से मांगी है।
खतरनाक आतंकी न हो छात्र
आतंकियों के डर से सरकार ने 1 नवंबर से यूरोपीय संघ को छोड़कर अन्य देशों से आने वाले सभी पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को एकेडेमिक टेक्नोलॉजी एप्रूवल स्कीम (एटीएएस) के तहत रखा है। 41 विषयों के छात्रों को ‘जोखिम श्रेणी’ के तहत रखा गया है, जिन्हें स्टूडेंट वीजा के आवेदन के पहले अनुमति प्रमाण-पत्र हासिल करना होगा। यह प्रमाण-पत्र पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसमें पारिवारिक इतिहास से जुड़े सवाल शामिल हैं।
इन्हें पात्रता नहीं
संदिग्ध संगठनों के परिवार का कोई सदस्य किसी आतंक संबंधी मामले में दोषी हो।
विदेश मंत्रालय की सफाई
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम किसी एक देश के छात्रों के लिए इस नियम को लागू नहीं कर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि सही ज्ञान गलत हाथों में जाए और बड़ा खतरा पैदा हो जाए।’
* ‘नया स्क्रीनिंग सिस्टम अंतरराष्ट्रीय छात्रों को जबरन संदिग्ध मानता है।’
- गेम्मा टुमेल्टी, नेशनल यूनियन आफ स्टूडेंट, ब्रिटेन
* ‘यह ठीक नहीं है। इससे प्रतिभाशाली छात्र किसी दूसरे देश में पढ़ने चले जाएंगे।’
- पीटर लिटिलवुड, सदस्य, भौतिकी विभाग, यूनिवर्सिटी आफ कैंब्रिज